साइबर अपराध की चेतावनी, जानिए कैसे बचें!

रिपोर्टर : राजीव रंजन सिंह

मऊ (Mau)। साई इंस्टीट्यूट ऑफ नर्सिंग कॉलेज ऑफ फार्मेसी, सिकटीया (Sai Institute of Nursing College of Pharmacy, Siktia) में हाल ही में हाइब्रिड मोड में साइबर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य नागरिकों और छात्रों को डिजिटल धोखाधड़ी, ऑनलाइन साइबर अपराध और इंटरनेट से जुड़े जोखिमों के प्रति सजग करना था। कार्यक्रम में डीआईजी आजमगढ़ (DIG Azamgarh) सुनील कुमार सिंह और पुलिस अधीक्षक मऊ (Superintendent of Police, Mau) इलामारन जी मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए।

कार्यक्रम का स्वरूप और उद्देश्य:
इस कार्यक्रम को हाइब्रिड मोड में आयोजित किया गया, जिसमें ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों का उपयोग किया गया। मुख्य उद्देश्य नागरिकों को डिजिटल धोखाधड़ी और साइबर अपराधों से बचाने के लिए जागरूक करना था। प्रशिक्षण कार्यशालाओं, सेमिनार और इंटरैक्टिव सत्रों के माध्यम से लोगों को ऑनलाइन सुरक्षित रहने की जानकारी दी गई। कार्यक्रम में “रोकें-सोचें-कार्य करें” सिद्धांत पर जोर दिया गया, ताकि नागरिक अपने व्यक्तिगत और वित्तीय डेटा की सुरक्षा कर सकें।

स्कूली छात्रों के लिए विशेष सत्र:
कार्यक्रम में विशेष रूप से स्कूली छात्रों को ऑनलाइन धोखाधड़ी, सोशल मीडिया की चुनौतियों और साइबर सुरक्षा के उपायों के बारे में जानकारी दी गई। बच्चों को यह सिखाया गया कि कैसे वे इंटरनेट का सुरक्षित उपयोग कर सकते हैं और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना पुलिस या संबंधित अधिकारियों को दे सकते हैं।

मिशन शक्ति फेस 5 के अंतर्गत सशक्तिकरण:
कार्यक्रम के दौरान मिशन शक्ति फेस 5 के तहत स्कूली छात्राओं और युवाओं को महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान, स्वावलंबन, स्वास्थ्य और सशक्तिकरण के बारे में जानकारी दी गई। साथ ही विभिन्न हेल्पलाइन नंबर और सहायता केंद्रों की जानकारी भी साझा की गई, ताकि जरूरत पड़ने पर तुरंत मदद मिल सके।

सड़क सुरक्षा और शपथ:
कार्यक्रम में नागरिकों को यातायात नियमों का पालन करने के लिए भी जागरूक किया गया। उपस्थित लोगों को सड़क सुरक्षा के महत्व के बारे में बताया गया और सभी ने सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए शपथ ली।

मुख्य अतिथियों का संदेश:
डीआईजी आजमगढ़ सुनील कुमार सिंह ने कहा कि डिजिटल दुनिया में जोखिम हर समय मौजूद हैं और जागरूकता ही सबसे बड़ी सुरक्षा है। वहीं पुलिस अधीक्षक मऊ इलामारन जी ने नागरिकों से अपील की कि वे साइबर अपराध या ऑनलाइन धोखाधड़ी की किसी भी स्थिति में तुरंत पुलिस को सूचित करें। उन्होंने कहा कि प्रशासन हर प्रकार की सहायता और मार्गदर्शन उपलब्ध कराएगा।

समापन और भविष्य की योजना:
कार्यक्रम के समापन पर अधिकारियों ने सभी प्रतिभागियों को धन्यवाद दिया और भविष्य में भी इसी तरह के जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन करने का आश्वासन दिया।

छोटा शीर्षक:
मऊ में साइबर सुरक्षा और डिजिटल जागरूकता

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Disclaimer: यह खबर स्थानीय संवादाता/मीडिया प्लेटफार्म या अन्य द्वारा प्राप्त की गई सूचना पर आधारित है।

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