बॉयफ्रेंड की हत्या कराने वाली महामंडलेश्वर गिरफ्तार, अलीगढ़ पुलिस ने राजस्थान से दबोचा



अलीगढ़ पुलिस (Aligarh Police) ने चर्चित हत्या कांड की आरोपी महामंडलेश्वर डॉ. अन्नपूर्णा भारती उर्फ पूजा शकुन पांडेय को राजस्थान (Rajasthan) के भरतपुर जिले से गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी पूजा बीते 14 दिनों से फरार थी। पुलिस को लंबे समय से उसकी तलाश थी और उस पर 50 हजार का इनाम घोषित किया गया था। पुलिस ने उसे जयपुर हाईवे से तब पकड़ा जब वह बस में सवार होकर कहीं जा रही थी। गिरफ्तारी के बाद उसे अलीगढ़ कोर्ट (Aligarh Court) में पेश किया गया, जहां से उसे 14 दिन की न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।

अभिषेक गुप्ता की हत्या का मामला:
अलीगढ़ में 26 सितंबर को टीवीएस बाइक शोरूम मालिक अभिषेक गुप्ता की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। वह हाथरस जिले के सिकंदराराऊ क्षेत्र के गांव कचौरा के रहने वाले थे। अभिषेक ने 25 अगस्त को खैर में अपना शोरूम खोला था। पिता नीरज गुप्ता और चचेरे भाई जीतू के साथ वह रात में शोरूम बंद कर घर लौट रहे थे। हाथरस जाने के लिए बस में चढ़ने के दौरान बदमाशों ने पीछे से गोली मार दी, जिससे अभिषेक की मौके पर मौत हो गई थी।

पिता ने लगाए गंभीर आरोप:
अभिषेक के पिता नीरज गुप्ता ने बताया कि उनका बेटा पूजा के साथ रहने से परेशान था। वह अभिषेक पर शादी का दबाव बना रही थी और उसे परिवार से दूर रखती थी। जब अभिषेक ने उसके साथ शादी करने से इनकार किया, तो पूजा ने उसे धमकी दी। परेशान होकर अभिषेक ने उसका नंबर ब्लॉक कर दिया और घर आना-जाना बंद कर दिया। इसी बीच उसने बाइक शोरूम खोला और नई जिंदगी शुरू करने की कोशिश की थी।

सुपारी देकर कराई हत्या:
1 अक्टूबर को पुलिस ने हत्या के मामले में मोहम्मद फजल नामक व्यक्ति को गिरफ्तार किया था। उसने खुलासा किया कि लगभग डेढ़ महीने पहले पूजा और उसके पति अशोक पांडेय से उसकी मुलाकात हुई थी। दोनों ने अभिषेक की हत्या के लिए उसे तीन लाख रुपये की सुपारी दी थी, जिसमें एक लाख रुपये एडवांस में दिए गए थे। फजल ने अपने साथी आसिफ के साथ मिलकर अभिषेक को गोली मार दी। 3 अक्टूबर को पुलिस ने आसिफ को भी गिरफ्तार कर लिया था, जो यूपी (UP) से भागने की फिराक में था।

पूजा और अभिषेक की मुलाकात की कहानी:
पूजा की पैतृक संपत्ति हाथरस जिले के कचौरा गांव में थी। 2012 में उसने इस जमीन पर ‘श्रीराम भवन’ नाम से मकान बनवाया। अभिषेक की मां गांव में पूजा के मकान की देखभाल करती थीं। इसी दौरान पूजा की मुलाकात अभिषेक से हुई। पढ़ाई के नाम पर वह अभिषेक को अलीगढ़ लेकर आई और अपने साथ रहने लगी। दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ीं और अभिषेक उसके कामकाज में शामिल हो गया। लगभग 9 साल तक अभिषेक अलीगढ़ में पूजा के साथ रहा, लेकिन छह महीने पहले दोनों के बीच अनबन हो गई और अभिषेक ने उससे दूरी बना ली।

पूजा और अशोक पर पहले से कई मुकदमे दर्ज:
अलीगढ़ के अलग-अलग थानों में पूजा और उसके पति अशोक पांडेय पर छह मामले दर्ज हैं। इनमें अधिकतर आरोप धार्मिक उकसावे और भड़काऊ भाषणों से संबंधित हैं। पूजा खुद को निरंजनी अखाड़े की महामंडलेश्वर बताती थी, लेकिन प्रयागराज (Prayagraj) के श्री पंचायती अखाड़ा निरंजनी ने 4 अक्टूबर को उसे निष्कासित कर दिया। अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष रवींद्र पुरी ने कहा था कि पूजा का कृत्य सनातन परंपरा के खिलाफ है।

महात्मा गांधी के पुतले पर गोली मारने से सुर्खियों में आई थी पूजा:
2019 में पूजा शकुन पांडेय ने महात्मा गांधी के पुतले पर एयर गन से गोली चलाई थी। उस पुतले पर गांधी जी की तस्वीर लगाई गई थी और उसमें से खून निकलने का नाटक किया गया था। घटना के वीडियो वायरल होने के बाद उस पर मुकदमा दर्ज हुआ और उसे जेल जाना पड़ा। बाद में जमानत पर रिहा होकर वह डासना पीठ के यति नरसिंहानंद के संरक्षण में चली गई, जिन्हें वह अपना गुरु मानती है।

साध्वी बनने की कहानी:
पूजा ने मेरठ के चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय से गणित में पीएचडी की थी। वहीं उसकी मुलाकात मैनपुरी के रहने वाले अशोक पांडेय से हुई। दोनों ने 2008 में घर से भागकर शादी की और गाजियाबाद आकर बस गए। 2012 में एक छात्रा की आत्महत्या के बाद पूजा ने नौकरी छोड़ दी और हिंदुत्व की विचारधारा को आगे बढ़ाने का निर्णय लिया। उसने ‘अहसास’ नाम से एक एनजीओ (NGO) बनाया और बाद में हिंदू महासभा से जुड़ गई। कुछ समय बाद उसने पति से तलाक लेकर साध्वी बनने की दीक्षा ली और अपना नाम डॉ. अन्नपूर्णा भारती रखा।

पुलिस जांच में जुटी:
अलीगढ़ पुलिस अब यह जांच कर रही है कि हत्या की साजिश कहां और कब रची गई थी, इसमें और कौन लोग शामिल थे। पूजा की गिरफ्तारी के बाद पुलिस को कई अहम सबूत मिले हैं। फिलहाल पुलिस ने उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।


#AligarhNews #PoojaPandey #AkhadaNews #CrimeNews #UttarPradesh

डिस्क्लेमर:
यह खबर स्थानीय संवादाता द्वारा दी गई सूचना पर आधारित है, जिसकी समस्त जिम्मेदारी स्थानीय संवादाता की है।

Leave a Reply

Discover more from Apna Bharat Times

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading