गाजीपुर : इस मदरसे पर पड़ी बुरी नज़र और बीएसए ले लिया बड़ा एक्शन…

अधिकारों की लड़ाई लम्बे अरसे से लड़ी जा रही है. कभी कटघरे में कोई होता है तो कभी कोई. लेकिन समाधान शून्य है. शिक्षा का अधिकार भी एक अहम् मुद्दा है, लेकिन ये लड़ाई लड़े कौन? जो लड़ रहा है उसके सामने भी चुनौतिया कम नहीं है.

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पिछले दिनों हमने आपको एक मदरसे के संघर्ष को बताया था. यूँ तो मदरसों को लेकर कई सवाल हैं. उत्तर प्रदेश के जनपद गाजीपुर के मोहम्दाबाद विधानसभा के महेशपुर में स्थित मदरसा इस्लामिया अपने छात्रों को बेहतर शिक्षा देना चाहता है. व्यवस्थाएं भी दुरुस्त कर रहा है, लेकिन आरोप है कि कुछ लोग धन उगाही के लिए इस मदरसे को टारगेट कर रहे और मदरसे के प्रबंधक इसकी लड़ाई सड़क से लेकर कोर्ट तक लड़ रहे हैं.

दरअसल अबू कैश नाम का एक व्यक्ति मदरसे के प्रबंधक पर गंभीर आरोप लगा रहा है, 1 अप्रैल 2022 को अबू कैश खां ने अल्पसंख्यक आयोग में शिकायत दर्ज कर आरोप लगाया था कि मदरसे के प्रबंधक मक़सूद खान, फर्जी प्रबंधक हैं और अध्यापकों के विरुद्ध भी शिकायत दर्ज किया था. जबकि आरोप है कि अबू कैश खां ने फर्जी दस्तावेजों के आधार पर अध्यापकों का साढ़े छः लाख का जीपीएफ और छात्रों का करीब साढ़े चार लाख का छात्रवृति गबन किया है.

अल्पसंख्यक आयोग ने अबू कैश खां के शिकायत पर 12 सितम्बर को मक़सूद खान अभिलेख प्रस्तुत करने को बोला. बताया जा रहा है कि अबू कैश खां के षड्यंत्र से परेशान होकर मक़सूद खान ने हाई कोर्ट का रास्ता अपनाया और हाई कोर्ट ने अप्ल्संख्यक आयोग और अबू कैश खां के शिकायती पात्र का अवलोकन करते हुए स्थगन आदेश पारित कर दिया.

शिक्षा लेना ही मात्र चुनौती नहीं है, शिक्षा देने के लिए भी संस्थान कि रक्षा एक बड़ी चुनौती है. सरकारी स्कूलों कि स्थिति किसी से छुपी नहीं लेकिन फिर भी यदि किसी स्कूल को प्रशासनिक व्यवस्था ठीक रखना चाहे तो उसमे कर्चारियों का सहयोग नहीं मिलता. आप एक बात बताएं क्या कोई अपने घर कि दीवारों पर पान या गुटखा खा कर थूकता है? या कोई अपने घर के शौचालय को गन्दा रखता है. सबको पता है गन्दी से बीमारियाँ फैलती हैं. गंदगी एक गंदे मानसिकता कि भी निशानी है. अभी पिछले दिनों यूपी के गाजीपुर जनपद कि नवागत जिलाधिकारी आर्यका अखौरी ने दीवारों पर फैली गंदगी को लेकर एक्शन लिया था और अब गाजीपुर के बेसिक शिक्षा अधिकारी ने स्कूल के गंदे शौचालय को साफ़ करके बड़ा सन्देश दे दिया है. लेकिन ये सब देखकर क्या गंदगी फ़ैलाने वालों को शर्म आएगी.

बेसिक शिक्षा अधिकारी हेमंत राव ने अपने गोद लिए प्राथमिक विद्यालय नूरपुर में स्वच्छता पखवाड़ा कार्यक्रम के अंतर्गत सफाई अभियान की शुरुआत की। ग्राम प्रधान रमेश यादव, विद्यालय के सभी स्टाफ एवं ग्राम वासियों के साथ उन्होंने झाड़ू लगाकर समाज को स्वच्छता का संदेश दिया। इसके बाद बेसिक शिक्षा अधिकारी ने वहां मौजूद सभी बच्चों को स्वच्छता की शपथ दिलाते हुए उन्हें इसके लिए जागरूक भी किया।

जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने कहा कि स्वस्थ मस्तिष्क में स्वस्थ विचारों का संचार होता है। जब हम अपने आप को स्वच्छ रखेंगे तभी ज्ञान को आत्मसात करने में आसानी होगी। इसके बाद उन्होंने बच्चों के साथ जमीन पर बैठकर खाना भी खाया। इस दौरान उनकी नज़र गंदे शौचालय पर पड़ी. फिर क्या ब्रश को उठाया और शौचालय साफ़ करना शुरू कर दिया. ये देख वहां मौजूद अध्यापकों और कर्मचारियों के हाथ पाँव फुल गये.

इसी क्रम में प्रत्येक खंड शिक्षा अधिकारियों ने पांच-पांच विद्यालयों का निरीक्षण किया। जिले के कुल 75 विद्यालयों के निरीक्षण में एक प्रधानाध्यापक, एक सहायक अध्यापक, एक शिक्षामित्र, एक परिचारक अनुपस्थित पाए गए। अनुपस्थित पाए गए कार्मिकों का अनुपस्थित दिवस का वेतन-मानदेय बीएसए ने अग्रिम आदेश तक रोक दिया।

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