Lucknow: उत्तर प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं की लापरवाही पर योगी सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। प्रदेश के डिप्टी सीएम एवं स्वास्थ्य मंत्री ब्रजेश पाठक ने सात ऐसे डॉक्टरों को सेवा से बर्खास्त करने के निर्देश दिए हैं, जो लंबे समय से बिना सूचना अपने कार्यस्थल से गैरहाजिर चल रहे थे।
सूत्रों के अनुसार, यह कार्रवाई स्वास्थ्य विभाग की सख्त निगरानी और कई महीनों से मिल रही शिकायतों के बाद हुई है। डिप्टी सीएम पाठक ने कहा कि सरकारी डॉक्टरों की पहली जिम्मेदारी जनता की सेवा करना है, लेकिन जो डॉक्टर ड्यूटी से गायब रहते हैं और अपने पद की गरिमा का पालन नहीं करते, उनके खिलाफ अब किसी प्रकार की नरमी नहीं बरती जाएगी।
बर्खास्त किए जाने वाले डॉक्टरों की सूची भी जारी की गई है। इनमें झांसी में तैनात डॉ. मुकुल मिश्र, बदायूं के डॉ. अभिषेक शाह (2023 से लगातार अनुपस्थित), बाजार शुक्ल न्यू CHC के डॉ. विकास मिश्र, जगदीशपुर न्यू CHC के डॉ. विकलेश शर्मा, बरेली के डॉ. दीपेश गुप्ता, मिश्रिख CHC की डॉ. श्वेता सिंह और हाथरस के पैथोलॉजिस्ट डॉ. मोहम्मद राफे शामिल हैं।
स्वास्थ्य विभाग की आंतरिक जांच में सामने आया कि ये सभी डॉक्टर महीनों से ड्यूटी से नदारद थे और कई बार नोटिस भेजने के बाद भी उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया। डिप्टी सीएम ने साफ कहा कि सरकार स्वास्थ्य सेवाओं से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं करेगी।
इस कदम से स्वास्थ्य विभाग में अनुशासन स्थापित करने का प्रयास किया जा रहा है। माना जा रहा है कि आगे भी ऐसे ही मामलों में और सख्त कार्रवाई देखने को मिल सकती है।
डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक की बड़ी कार्रवाई, बिना सूचना गायब 7 डॉक्टर होंगे बर्खास्त