Lucknow: बाराबंकी। मदरसा मिस्बाहुल उलूम, देवा शरीफ, बाराबंकी में आज ईद मीलादुन्नबी का आयोजन बड़े ही श्रद्धा और उत्साह के साथ किया गया। इस अवसर पर मदरसे के छात्रों ने रसूल-अल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम की शान में नाते-पाक पेश कर महफिल को रूहानी रंग में रंग दिया। कार्यक्रम की शुरुआत कुरआन-ए-पाक की तिलावत से हुई, जिसके बाद विभिन्न छात्रों ने अपनी सुंदर आवाज़ में नाते पेश कर उपस्थित लोगों के दिलों को मोह लिया।

इस मौके पर मदरसे के शिक्षकों ने रसूल-अल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम की जीवन शैली, उनकी शिक्षाओं और मानवता के लिए दिए गए संदेशों पर विस्तार से चर्चा की। वक्ताओं ने कहा कि नबी-ए-पाक की ज़िन्दगी पूरी इंसानियत के लिए एक आदर्श है। उनके बताए रास्ते पर चलकर समाज में अमन, भाईचारा और इंसाफ कायम किया जा सकता है।
कार्यक्रम के अन्त में प्रधानाचार्य मोहम्मद वाजिद सिद्दीकी ने रसूल-अल्लाह की पूरी ज़िन्दगी पर रोशनी डालते हुए कहा कि हमें उनकी शिक्षाओं को अपने जीवन में अपनाना चाहिए। उन्होंने छात्रों और उपस्थित लोगों को नबी-ए-पाक के बताए हुए मार्ग पर चलने की प्रेरणा दी।
कार्यक्रम का समापन दुआ-ए-ख़ैर के साथ हुआ, जिसमें मुल्क में अमन, तरक्की और भाईचारे की दुआ मांगी गई। पूरे आयोजन में गम्भीरता, शांति और आध्यात्मिक वातावरण देखने को मिला।


