विकसित यूपी के विज़न में सुरक्षा और सुशासन को सर्वोच्च प्राथमिकता



Lucknow: उत्तर प्रदेश को वर्ष 2047 तक विकसित राज्य बनाने के विज़न को साकार करने की दिशा में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में राज्य सरकार ने ठोस कार्ययोजना तैयार कर ली है। तीन मिशन, तीन थीम और 12 सेक्टर की मजबूत रूपरेखा के तहत सरकार ने स्पष्ट किया है कि ‘विकसित यूपी’ केवल आर्थिक प्रगति तक सीमित नहीं होगा, बल्कि सामाजिक, सांस्कृतिक और सुरक्षा के नए मानक भी स्थापित करेगा।

इस रूपरेखा में ‘सुरक्षा एवं सुशासन’ को सबसे अहम स्तंभ माना गया है। सरकार का मानना है कि भयमुक्त, सुरक्षित और पारदर्शी प्रशासन ही मजबूत अर्थव्यवस्था की आधारशिला है। गृह विभाग, होमगार्ड और सामान्य प्रशासन विभाग के जरिए प्रदेश में इस दिशा में लगातार काम हो रहा है।

2030 और 2047 के लिए रणनीतिक लक्ष्य भी निर्धारित किए गए हैं। 2030 तक सभी जिलों में आधुनिक कमांड एवं कंट्रोल सेंटर स्थापित होंगे, मास्टर प्लान और विकास योजनाएं पूरी तरह लागू होंगी और हर घर-हर संस्थान तक हाई-स्पीड ब्रॉडबैंड कनेक्टिविटी पहुंचेगी। 2047 तक यूपी को रोड सेफ्टी में ग्लोबल स्टैंडर्ड पर लाना, जीरो एक्सीडेंट विज़न को साकार करना और पूर्ण रूप से पारदर्शी व जवाबदेह प्रशासन खड़ा करना शामिल है।

सुरक्षा एवं सुशासन सेक्टर में ‘स्मार्ट गवर्नेंस’, ‘स्मार्ट पुलिसिंग’ और ‘जीरो टॉलरेंस’ को आधार बनाया गया है। इसमें रियल टाइम मॉनिटरिंग डैशबोर्ड, आउटकम बेस्ड बजटिंग, रोड सेफ्टी इंफोर्समेंट, बिजनेस कॉन्फिडेंस, अपराध और भ्रष्टाचार पर सख्ती तथा पुलिस आधुनिकीकरण को केंद्र में रखा गया है।

लघु अवधि लक्ष्य (2029-30) में स्मार्ट पुलिसिंग, सभी जिलों में सीसीटीवी नेटवर्क, एआई आधारित निगरानी, कमांड सेंटर का विस्तार और ई-गवर्नेंस प्लेटफॉर्म के माध्यम से पारदर्शी शासन शामिल हैं। मध्यम व दीर्घ अवधि में जीरो एक्सीडेंट विज़न, संतुलित विकास के लिए मास्टर प्लान और हाई-स्पीड ब्रॉडबैंड से डिजिटल ऊर्जा प्रबंधन को बढ़ावा देना शामिल है।

2017 से 2025 तक योगी सरकार ने सुरक्षा और सुशासन को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया। इस अवधि में 2.19 लाख पुलिसकर्मियों की नई भर्तियां, 1.53 लाख से अधिक प्रमोशन, 243 अपराधियों की एनकाउंटर में मौत, 21,023 वांछित अपराधियों की गिरफ्तारी और 83,144 आरोपियों को गैंगस्टर एक्ट के तहत जेल भेजा गया। सेफ सिटी प्रोजेक्ट के तहत 12.42 लाख से अधिक सीसीटीवी कैमरे लगाए गए। महिला सुरक्षा को मजबूत करते हुए 9,172 महिला बीट कांस्टेबल नियुक्त की गईं, तीन महिला बटालियन बनाई गई और पांच नई पीएसी बटालियन को मंजूरी दी गई।

‘ऑपरेशन कन्विक्शन’ के तहत 1,04,718 दोषियों को सजा दी गई, जिसमें 70 को मृत्युदंड और 8,785 को आजीवन कारावास मिला। माफिया और अपराधियों की संपत्ति से 1.44 लाख करोड़ रुपये जब्त किए गए।

विकसित यूपी @2047 लक्ष्य के लिए 16% वार्षिक वृद्धि दर आवश्यक है, ताकि प्रति व्यक्ति आय 26 लाख रुपये तक पहुंचे और प्रदेश भारत की अर्थव्यवस्था में 20% योगदान दे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का स्पष्ट मत है कि सुरक्षित, भयमुक्त और पारदर्शी उत्तर प्रदेश ही विकसित भारत के विज़न का आधार बनेगा।

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