योगी सरकार के प्रयास से बढ़ रहा यूपी का फॉरेस्ट कवर

Lucknow: उत्तर प्रदेश में योगी सरकार के पर्यावरण संरक्षण और हरित भारत अभियान के तहत प्रदेश का फॉरेस्ट कवर लगातार बढ़ रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में चल रहे पौधरोपण महाभियान-2025 ने नए रिकॉर्ड कायम किए हैं और इस वर्ष विशिष्ट वनों की स्थापना भी जारी है।

पौधरोपण महाभियान-2025 के तहत 9 जुलाई, बुधवार को पूरे प्रदेश में एक दिन में 37,21,40,925 पौधरोपण किए गए। यह संख्या सरकार द्वारा निर्धारित लक्ष्य 37 करोड़ से 21,40,925 अधिक है। मुख्यमंत्री योगी ने अयोध्या से अभियान की शुरुआत की थी और उसी दिन आजमगढ़ और गोरखपुर में भी पौधरोपण किया गया। इस अभियान की थीम ‘एक पेड़ मां के नाम 2.0’ रही। इस अभूतपूर्व सफलता के साथ उत्तर प्रदेश ने देशभर में नए कीर्तिमान स्थापित किए।

विशेष रूप से शिक्षक दिवस (5 सितंबर) को ‘एक पेड़ गुरु के नाम’ कार्यक्रम के तहत प्रदेश के सभी वन प्रभागों में पौधरोपण किया जाएगा। राजधानी लखनऊ के कुकरैल में प्रभागीय वनाधिकारी सितांशु पांडेय ने बताया कि भारतीय वन सेवा के सेवानिवृत्त और वर्तमान अधिकारी स्मृति वाटिका में पौधरोपण करेंगे। अधिकारियों को स्मृति चिह्न के रूप में पौधे भेंट किए जाएंगे। वहीं वाराणसी में आईआईटी (बीएचयू) परिसर में भी इस कार्यक्रम के तहत पौधरोपण होगा, जिसकी देखरेख प्रभागीय वनाधिकारी स्वाति श्रीवास्तव करेंगी।

इस वर्ष भी कई विशिष्ट वनों की स्थापना की गई है। इनमें एकलव्य वन, ऑक्सी वन, शक्ति वन, त्रिवेणी वन, अटल वन, सहजन भंडारा, गोपाल वन, एकता वन, पवित्र धारा पौधरोपण, औद्योगिक इकाइयों द्वारा पौधरोपण (संकल्प गोष्ठी सहित), भाई-बहन पौधरोपण (रक्षाबंधन वाटिका), शौर्य/सिंदूर वन और ‘एक पेड़ गुरु के नाम’ शामिल हैं।

पौधरोपण महाभियान-2025 के मिशन निदेशक दीपक कुमार ने बताया कि सभी वन प्रभागों में तैयारी पूरी हो चुकी है। उन्होंने कहा कि यह अभियान केवल औपचारिकता नहीं बल्कि वास्तविक पर्यावरण संरक्षण और सामूहिक हरित पहल का प्रतीक है।

योगी सरकार के प्रयासों से उत्तर प्रदेश में हरित विस्तार में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। न केवल आम लोगों और अधिकारियों की सहभागिता बढ़ी है, बल्कि प्रदेश के जंगलों और नदी किनारों में कटान रोकने और वन संरक्षण की दिशा में भी ठोस कदम उठाए गए हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे व्यापक पौधरोपण और विशिष्ट वन परियोजनाओं से प्रदेश में जैव विविधता बढ़ेगी और पर्यावरण संतुलन मजबूत होगा।

उत्तर प्रदेश सरकार की यह पहल पर्यावरण संरक्षण, जल संरक्षण और हरित भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने की दिशा में मील का पत्थर साबित हो रही है। भविष्य में भी यह अभियान लगातार प्रदेश के वन क्षेत्र और हरित ढांचे को मजबूत करता रहेगा।

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