रिपोर्ट: सऊद अंसारी
Lucknow: एसटीएफ मुख्यालय में डीआईजी कुलदीप नारायण के सेवानिवृत्ति समारोह का आयोजन किया गया। इस अवसर पर उनके साहस, नेतृत्व और उपलब्धियों की जमकर सराहना हुई। समारोह के दौरान उन्हें विदाई देते समय तालियों की गड़गड़ाहट से माहौल गूंज उठा।
संगठित अपराध पर कड़ा प्रहार
डीआईजी कुलदीप नारायण का पुलिस सेवा काल अपराधियों के लिए किसी कहर से कम नहीं रहा। संगठित अपराध और माफिया नेटवर्क को ध्वस्त करने में उन्होंने अहम भूमिका निभाई। उनके नेतृत्व में एसटीएफ ने कई बड़ी सफलताएं हासिल कीं, जिनमें बबलू अशरफ, गंजा, साहब सिंह, कालिया और काजल जैसे दुर्दांत अपराधियों का सफाया भी शामिल रहा।
इनामी अपराधियों पर शिकंजा
उनके कार्यकाल में 1 से 2 लाख तक के इनामी बदमाशों को गिरफ्तार किया गया या मुठभेड़ में ढेर कर दिया गया। अपहरण, हत्या और डकैती जैसी बड़ी घटनाओं का पर्दाफाश करने में भी उन्होंने विशेष योगदान दिया। उनकी रणनीति और निर्णायक कदमों ने अपराधियों के हौसले पस्त कर दिए।
सम्मान और उपलब्धियां
डीआईजी कुलदीप नारायण की सेवाओं को राष्ट्रीय स्तर पर भी सम्मान मिला। उन्हें गणतंत्र दिवस और स्वतंत्रता दिवस पर राष्ट्रपति का पुलिस पदक प्रदान किया गया। इसके अलावा राष्ट्रपति पदक, डीजीपी सिल्वर और गोल्ड मेडल से भी नवाजा गया। इन उपलब्धियों ने उनके करियर को एक विशेष पहचान दी।
सहकर्मियों की भावनाएं
समारोह में एडीजी एसटीएफ अमिताभ यश ने उन्हें शुभकामनाएं देते हुए कहा कि डीआईजी नारायण की सेवाएं हमेशा अविस्मरणीय रहेंगी। विदाई के इस अवसर पर सभी सहकर्मी भावुक नजर आए। एसटीएफ के अधिकारियों और कर्मचारियों ने एक सुर में कहा कि उनका मार्गदर्शन और नेतृत्व हमेशा प्रेरणादायक रहेगा।
व्यक्तिगत जीवन और शिक्षा
डीआईजी कुलदीप नारायण सुल्तानपुर जिले के मूल निवासी हैं। उन्होंने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से अपनी पढ़ाई पूरी की थी। यहीं से उनकी सफलता की नींव रखी गई। वर्ष 1994 में वह यूपी पीसीएस के माध्यम से पुलिस सेवा में चयनित हुए और तब से लेकर अब तक उन्होंने ईमानदारी और पराक्रम के साथ अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन किया।
विदाई का भावुक क्षण
समारोह के अंत में जब उन्हें विदाई दी गई तो पूरा सभागार तालियों से गूंज उठा। सहकर्मियों ने उनकी वीरता और कर्तव्यनिष्ठा को याद करते हुए उन्हें उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं। इस तरह एसटीएफ मुख्यालय में यह विदाई समारोह एक यादगार क्षण बन गया।
वीरता को सलाम: डीआईजी कुलदीप नारायण का हुआ भव्य सम्मान