लखनऊ (Lucknow) के ठाकुरगंज (Thakurganj) क्षेत्र में सोमवार शाम शिया धर्मगुरु मौलाना कल्बे जव्वाद (Maulana Kalbe Jawwad) की गाड़ी पर ईंट-पत्थर से हमला किया गया। इस घटना में मौलाना को कोई चोट नहीं आई, लेकिन उनकी गाड़ी का शीशा टूट गया। मौलाना का कहना है कि शीशा तोड़कर उन्हें जान से मारने की कोशिश की गई। वे कर्बला अब्बास बाग (Karbala Abbas Bagh) की जमीन पर हुए अतिक्रमण की जांच करने पहुंचे थे। उन्होंने आरोप लगाया कि दंगा भड़काने वालों पर पुलिस मेहरबान है और 8 महीने पहले हुए हमले पर भी कोई कार्रवाई नहीं की गई थी।

हमले के दौरान मचा हड़कंप:
मौलाना अपनी गाड़ी से कर्बला अब्बास बाग पहुंचे थे, तभी अचानक कुछ लोगों ने घेरकर उन पर हमला कर दिया। गनीमत रही कि वह सुरक्षित रहे, लेकिन गाड़ी को काफी नुकसान हुआ। मौलाना के साथ मौजूद केयरटेकर सैय्यद सारिम (Syed Sarim) ने बताया कि कर्बला की जमीन पर अवैध निर्माण हुआ है। इसी सिलसिले में मौलाना मौके पर पहुंचे थे। उन्होंने पहले ही पुलिस से सुरक्षा मांगी थी, लेकिन प्रशासन ने लापरवाही बरती।
पुलिस पर पक्षपात का आरोप:
मौलाना कल्बे जव्वाद ने कहा कि जब वे निरीक्षण के लिए पहुंचे, तो कुछ गुंडों ने उन्हें रोक लिया और धार्मिक नारे लगाते हुए हमला किया। उनका कहना है कि पुलिस मौके पर मौजूद थी, लेकिन उसने कोई कार्रवाई नहीं की। बल्कि पुलिस उनके ही फोटो और वीडियो बना रही थी, जबकि दूसरे पक्ष का वीडियो नहीं लिया गया। उन्होंने कहा कि यह पूरी साजिश थी और पुलिस दूसरे पक्ष से मिली हुई है।

धरने पर बैठे मौलाना:
हमले के बाद मौलाना अपने समर्थकों के साथ मौके पर ही धरने पर बैठ गए। उनका कहना था कि अगर 24 घंटे में कार्रवाई नहीं हुई, तो स्थिति को संभालना मुश्किल होगा। धरना करीब पांच घंटे तक चला। आखिरकार जब पुलिस ने पंकज, मुजम्मिल, शाजान, रचित टंडन, सिराज, काशान समेत 20-25 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया और कार्रवाई का आश्वासन दिया, तब जाकर मौलाना ने धरना समाप्त किया। इसके बाद वे निकाह पढ़ाने चले गए।
कर्बला की जमीन पर अवैध कब्जे का आरोप:
मौलाना ने बताया कि ठाकुरगंज स्थित कर्बला अब्बास बाग की लगभग 22 बीघा जमीन पर पिछले कई वर्षों से अवैध निर्माण हो रहा है। उन्होंने कहा कि कुछ दबंग लोग बिना एलडीए (LDA) की अनुमति के बहुमंजिला इमारतें बना रहे हैं। वक्फ बोर्ड (Waqf Board) में इस जमीन से संबंधित मुकदमा चल रहा है, जिसकी सुनवाई लगातार हो रही है। बावजूद इसके, अतिक्रमणकारी निर्माण कार्य जारी रखे हुए हैं और प्रशासन उन्हें रोकने में विफल है।
पहले भी हो चुका जानलेवा हमला:
मौलाना ने कहा कि आठ महीने पहले भी जब वे उसी जगह गए थे, तब भी उन पर हमला किया गया था। उस वक्त भी मुकदमा तो दर्ज हुआ, पर कोई कार्रवाई नहीं की गई। उन्होंने कहा कि यदि पुलिस ने तभी सख्ती दिखाई होती, तो आज यह स्थिति नहीं बनती। उन्होंने पुलिस पर मिलीभगत का आरोप लगाते हुए कहा कि दंगा भड़काने वालों को जानबूझकर बचाया जा रहा है।
24 घंटे का अल्टीमेटम और आंदोलन की चेतावनी:
मौलाना कल्बे जव्वाद ने जिला प्रशासन को 24 घंटे का समय दिया है। उनका कहना है कि यदि 24 घंटे के भीतर दंगा फैलाने वालों और अतिक्रमणकारियों पर सख्त कार्रवाई नहीं हुई, तो पूरे शहर के उलेमा (Ulema) सड़क पर उतरकर आंदोलन करेंगे। उन्होंने कहा कि “अब अगर कार्रवाई नहीं हुई तो जो होगा, उसकी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।”
अवैध निर्माण के खिलाफ जारी रहेगा संघर्ष:
मौलाना ने कहा कि वे किसी कीमत पर कर्बला की जमीन पर हो रहे अवैध कब्जे को बर्दाश्त नहीं करेंगे। पिछले छह महीनों में कई अवैध निर्माण किए गए हैं और वह इस अन्याय के खिलाफ आवाज उठाते रहेंगे। उन्होंने स्पष्ट कहा कि “धार्मिक स्थलों पर कब्जा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा, चाहे इसके लिए कितना भी बड़ा आंदोलन क्यों न करना पड़े।”
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