लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे पर होगा बड़ा बदलाव, 7 करोड़ का ये है मास्टरप्लान

रिपोर्टर: अनुज कुमार

लखनऊ-कानपुर ग्रीन फील्ड एक्सप्रेस-वे को पर्यावरण के अनुकूल और हरित बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। इस परियोजना के तहत एक्सप्रेस-वे के दोनों ओर कुल 46 हजार पेड़ लगाए जाएंगे। लगभग 7 करोड़ रुपये की लागत से होने वाला यह हरितीकरण कार्य न केवल सड़क की सुंदरता बढ़ाएगा, बल्कि पर्यावरण संतुलन को भी मजबूत करेगा। इस पहल से लखनऊ (Lucknow) और कानपुर (Kanpur) के बीच बनने वाला यह एक्सप्रेस-वे हरियाली की मिसाल बनेगा।

7 करोड़ की लागत से हरितीकरण योजना:
लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेस-वे को हरा-भरा बनाने के लिए 7 करोड़ रुपये की लागत से व्यापक पौधरोपण योजना तैयार की गई है। इस योजना के तहत सड़क के किनारे और मध्य भाग में बड़े पैमाने पर वृक्ष लगाए जाएंगे। उद्देश्य है कि एक्सप्रेस-वे न केवल यातायात का आधुनिक साधन बने, बल्कि पर्यावरण संरक्षण की दिशा में भी एक आदर्श उदाहरण प्रस्तुत करे।

एनएचएआई और वन विभाग के बीच समझौता:
इस परियोजना को सफलतापूर्वक लागू करने के लिए भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण NHAI (National Highways Authority of India), वन विभाग (Forest Department) और कार्यदाई संस्था के बीच आपसी समझौता किया गया है। इस समझौते के तहत पौधरोपण से लेकर उनकी देखरेख तक की जिम्मेदारियां स्पष्ट रूप से तय की गई हैं, ताकि लगाए गए पौधे सुरक्षित रहें और लंबे समय तक विकसित हो सकें।

पांच साल तक होगी पेड़ों की देखरेख:
समझौते के अनुसार, वन विभाग अगले पांच वर्षों तक एक्सप्रेस-वे पर लगाए गए पेड़ों की देखरेख करेगा। इसमें पौधों की नियमित सिंचाई, सुरक्षा और आवश्यक देखभाल शामिल होगी। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि लगाए गए पौधे केवल रोपे ही न जाएं, बल्कि वे सुरक्षित रूप से बड़े होकर हरित आवरण का रूप लें।

देशी और छायादार वृक्षों का चयन:
पौधरोपण योजना के तहत बांस, बरगद और पीपल जैसे देशी और छायादार वृक्ष लगाए जाएंगे। ये वृक्ष पर्यावरण के लिए उपयोगी होने के साथ-साथ दीर्घकालिक लाभ देने वाले माने जाते हैं। इनसे न केवल प्रदूषण कम होगा, बल्कि यात्रियों को छाया और ठंडक भी मिलेगी।

हर किलोमीटर पर लगाए जाएंगे 1022 पेड़:
योजना के अनुसार एक्सप्रेस-वे के प्रत्येक किलोमीटर पर औसतन 1022 पेड़ लगाए जाएंगे। इससे पूरे मार्ग पर एक समान हरियाली विकसित होगी। यह घनत्व इस तरह तय किया गया है कि सड़क सुरक्षा और दृश्यता प्रभावित न हो, साथ ही पर्यावरणीय लाभ भी अधिकतम मिल सके।

एलिवेटेड रोड पर अलग व्यवस्था:
जहां एक्सप्रेस-वे एलिवेटेड रोड के रूप में विकसित किया गया है, वहां पौधरोपण की अलग योजना बनाई गई है। एलिवेटेड मार्ग पर प्रति किलोमीटर 222 पेड़ लगाए जाएंगे। सीमित स्थान को ध्यान में रखते हुए यहां उपयुक्त प्रजातियों का चयन किया जाएगा, ताकि संरचना को कोई नुकसान न पहुंचे।

सिंचाई के लिए सबमर्सिबल पंप:
पौधों की नियमित सिंचाई सुनिश्चित करने के लिए बनी (Bani) से लेकर आजाद चौक (Azad Chowk) तक कुल 6 सबमर्सिबल पंप लगाए जाएंगे। इससे पौधों को समय पर पानी मिल सकेगा और उनके सूखने की संभावना कम होगी। यह व्यवस्था खासतौर पर गर्मी के मौसम में बेहद उपयोगी साबित होगी।

पर्यावरण संरक्षण की दिशा में अहम कदम:
लखनऊ-कानपुर ग्रीन फील्ड एक्सप्रेस-वे पर किया जा रहा यह पौधरोपण कार्य पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है। इससे न केवल क्षेत्र की हरियाली बढ़ेगी, बल्कि वायु गुणवत्ता में सुधार और जैव विविधता को भी बल मिलेगा। आने वाले समय में यह एक्सप्रेस-वे हरित विकास का प्रतीक बन सकता है।

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