लखनऊ में सुबह घना कोहरा इस कदर छाया रहा कि दृश्यता बेहद सीमित हो गई। हालात ऐसे बने कि कोहरा लोगों के घरों तक में घुसता हुआ नजर आया। सड़कों पर विजिबिलिटी केवल 10 मीटर तक सिमट गई, जिससे आम जनजीवन प्रभावित हुआ। सुबह के समय किसी भी बिल्डिंग का स्वरूप साफ दिखाई नहीं दे रहा था। लोगों को मजबूरी में वाहनों की हेडलाइट जलाकर ही बाहर निकलना पड़ा। ठंड के साथ गलन भी महसूस की गई, जिससे ठिठुरन बढ़ गई।

सुबह से ही छाया रहा कोहरे का असर:
मंगलवार देर रात से ही राजधानी में कोहरे का प्रभाव लगातार बना रहा। पूरी रात और सुबह के समय कोहरा घना रहा, जिससे यातायात पर खासा असर पड़ा। दिन चढ़ने के बावजूद भी कोहरा पूरी तरह से साफ नहीं हो सका। सड़कों पर चलने वाले वाहन धीमी गति से चलते नजर आए और लोग अतिरिक्त सतर्कता बरतते दिखे।
विजिबिलिटी बेहद कम, बढ़ी परेशानी:
घने कोहरे के कारण दृश्यता घटकर महज 10 मीटर रह गई। सुबह के समय ऊंची इमारतें तक नजर नहीं आ रही थीं। राहगीरों और वाहन चालकों को आगे का रास्ता समझने में काफी दिक्कत हुई। कई स्थानों पर लोग कोहरे से बचने के लिए रुक-रुक कर आगे बढ़ते दिखाई दिए।
हेडलाइट ऑन कर निकलने को मजबूर लोग:
कोहरे की वजह से सड़कों पर चल रहे लगभग सभी वाहन हेडलाइट जलाकर चलते दिखे। दोपहिया और चारपहिया वाहन चालकों ने बेहद सावधानी से सफर किया। कोहरे के कारण सड़क किनारे लगे संकेतक भी साफ नजर नहीं आ रहे थे, जिससे दुर्घटना की आशंका बनी रही।
तापमान में गिरावट से बढ़ी ठंड:
मौसम विभाग के अनुमान के अनुसार राजधानी का अधिकतम तापमान 23 डिग्री और न्यूनतम तापमान 10 डिग्री के आसपास रहने की संभावना जताई गई है। हालांकि मंगलवार को दिन का अधिकतम तापमान 19.1 डिग्री दर्ज किया गया, जो सामान्य तापमान से 4.8 डिग्री कम रहा। वहीं न्यूनतम तापमान 10.4 डिग्री रिकॉर्ड किया गया, जो सामान्य से एक डिग्री अधिक रहा।
आर्द्रता ने बढ़ाया कोहरे का असर:
कोहरे के घने होने में आर्द्रता की अहम भूमिका रही। मंगलवार को अधिकतम आर्द्रता 95 प्रतिशत और न्यूनतम आर्द्रता 78 प्रतिशत दर्ज की गई। अधिक नमी के चलते कोहरा देर तक छाया रहा और दिनभर वातावरण में धुंध बनी रही।
दिनभर पूरी तरह साफ नहीं हुआ मौसम:
मंगलवार को दिन निकलने के बाद भी मौसम पूरी तरह से साफ नहीं हो सका। हल्की धुंध और कोहरे का असर पूरे दिन बना रहा। सूरज की किरणें कमजोर रहीं, जिससे ठंड का असर बरकरार रहा और लोगों को राहत नहीं मिली।
AQI में भी दिखा असर:
लखनऊ में वायु गुणवत्ता पर भी मौसम का प्रभाव देखने को मिला। मंगलवार शाम 4 बजे केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड सीपीसीबी (CPCB) की ओर से जारी आंकड़ों के अनुसार लखनऊ का AQI 168 दर्ज किया गया। यह स्तर स्वास्थ्य के लिहाज से चिंता बढ़ाने वाला माना जाता है।
इलाकों में अलग-अलग रहा AQI स्तर:
देर रात के आंकड़ों के अनुसार लालबाग (Lalbagh) में AQI 246, अलीगंज (Aliganj) में 245 और तालकटोरा (Talkatora) में 222 दर्ज किया गया, जो खराब श्रेणी में रहा। वहीं गोमतीनगर (Gomti Nagar) का AQI 155 के साथ मॉडरेट स्तर पर रहा। अंबेडकर यूनिवर्सिटी (Ambedkar University) क्षेत्र में AQI 93 और कुकरैल (Kukrail) में 95 दर्ज किया गया, जो संतोषजनक श्रेणी में रहा।
लोगों को बरतनी पड़ी सतर्कता:
घने कोहरे और खराब दृश्यता के चलते लोगों को सुबह के समय अतिरिक्त सतर्कता बरतनी पड़ी। बुजुर्गों और बच्चों को ठंड से बचाव की सलाह दी जा रही है। मौसम के ऐसे हालात में स्वास्थ्य और यातायात दोनों को लेकर सावधानी जरूरी मानी जा रही है।
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