लखनऊ में इलाज में लापरवाही, 11 माह के बच्चे ने ट्रॉमा सेंटर के बाहर तोड़ा दम

लखनऊ (Lucknow) में स्वास्थ्य सेवाओं की लापरवाही का एक दर्दनाक मामला सामने आया है। गुरुवार को 11 माह के बच्चे ने इलाज के अभाव में दम तोड़ दिया। परिजनों का आरोप है कि लोकबंधु अस्पताल (Lokbandhu Hospital) और KGMU ट्रॉमा सेंटर (Trauma Center) दोनों जगह डॉक्टरों ने गंभीर स्थिति के बावजूद बच्चे का सही इलाज नहीं किया। बच्चे की मौत अस्पताल प्रशासन की लापरवाही का परिणाम बताई जा रही है।

बुखार आने पर बच्चे को कराया गया था भर्ती:
जानकारी के मुताबिक, 11 माह के बच्चे को बुखार आने पर परिजनों ने पहले लोकबंधु अस्पताल में भर्ती कराया था। शुरू में डॉक्टरों ने सामान्य इलाज शुरू किया, लेकिन कुछ घंटे बाद बच्चे की स्थिति बिगड़ने लगी। डॉक्टरों ने उसे बेहतर इलाज के लिए किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) के ट्रॉमा सेंटर रेफर कर दिया।

ट्रॉमा सेंटर में नहीं मिला इलाज:
परिजनों के अनुसार, बच्चे को जब ट्रॉमा सेंटर लाया गया तो डॉक्टरों ने उसे भर्ती करने से इनकार कर दिया। बच्चे की हालत नाजुक होने के बावजूद न तो उसे वेंटिलेटर सपोर्ट दिया गया और न ही किसी डॉक्टर ने उसे देखा। परिवार का कहना है कि एम्बुलेंस में लाने के बाद भी कोई मेडिकल सहायता नहीं दी गई, जिसके चलते बच्चे ने ट्रॉमा सेंटर के बाहर ही एम्बुलेंस में दम तोड़ दिया।

परिजनों ने लगाया लापरवाही का आरोप:
मृतक बच्चे के परिवार ने लोकबंधु अस्पताल और KGMU दोनों के डॉक्टरों व स्टाफ पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि लोकबंधु अस्पताल से रेफर करने के बाद भी वेंटिलेटर सपोर्ट नहीं दिया गया और बच्चे को गोद में लेकर एम्बुलेंस तक ले जाना पड़ा। वहीं KGMU के डॉक्टरों और स्टाफ ने बच्चे को हाथ तक नहीं लगाया। परिवार अब न्याय की मांग कर रहा है।

प्रशासन की चुप्पी पर उठे सवाल:
इस दर्दनाक घटना के बाद स्वास्थ्य प्रशासन पर सवाल उठने लगे हैं। शहर के बड़े सरकारी अस्पतालों में इस तरह की लापरवाही स्वास्थ्य तंत्र की खामियों को उजागर करती है। लोगों का कहना है कि अगर समय पर इलाज मिल जाता, तो बच्चे की जान बच सकती थी। अब देखना यह है कि स्वास्थ्य विभाग इस मामले पर क्या कार्रवाई करता है।


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डिस्क्लेमर: यह खबर स्थानीय संवादाता/मीडिया प्लेटफार्म या अन्य द्वारा प्राप्त की गई सूचना पर आधारित है।

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