लखनऊ: राजधानी लखनऊ (Lucknow) के काकोरी (Kakori) स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (Community Health Centre) में एक बड़ा मामला सामने आया है। यहां प्रसूता को एक्सपायरी ग्लूकोज चढ़ाए जाने का आरोप लगा है। इस गंभीर लापरवाही के बाद प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक (Brajesh Pathak) ने तुरंत एक्शन लेते हुए जिम्मेदारों पर कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। घटना के बाद स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया है।
डिप्टी सीएम ने लिया संज्ञान:
प्रसूता को एक्सपायरी ग्लूकोज चढ़ाने की जानकारी सामने आने पर डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने मामले को गंभीरता से लिया। उन्होंने तत्काल जांच के आदेश देते हुए कहा कि इलाज में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़ी हर गड़बड़ी पर सख्त कदम उठाए जाएंगे।
आरोपी स्टाफ नर्स पर हुई कार्रवाई:
डिप्टी सीएम के निर्देश के बाद मामले में कार्रवाई करते हुए आरोपी स्टाफ नर्स को अस्पताल से हटा दिया गया है। अधिकारियों का कहना है कि यह कदम स्वास्थ्य व्यवस्था में जवाबदेही तय करने के लिए आवश्यक था ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाएं दोबारा न हों।
तीन सदस्यीय जांच कमेटी गठित:
मामले की गहन जांच के लिए तीन सदस्यीय जांच कमेटी गठित की गई है। यह कमेटी एक सप्ताह के भीतर अपनी रिपोर्ट डिप्टी सीएम को सौंपेगी। रिपोर्ट के आधार पर अगली कार्रवाई तय की जाएगी। स्वास्थ्य विभाग ने कहा है कि दोषी पाए जाने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।
डिप्टी सीएम ने दी सख्त चेतावनी:
डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने कहा कि इलाज में लापरवाही करने वाले किसी भी अधिकारी या कर्मचारी पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि जनता की जिंदगी से खिलवाड़ करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा और स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता से किसी भी स्तर पर समझौता नहीं किया जाएगा।
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काकोरी के अस्पताल में ऐसा क्या हुआ कि डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक को खुद देनी पड़ी जांच के आदेश?