लखनऊ में आतंकी गतिविधियों में संलिप्त दो आरोपियों को मिली कैद की सजा!

लखनऊ (Lucknow) में स्पेशल कोर्ट ने 11 जुलाई 2021 को गिरफ्तार किए गए मोहम्मद मोईद (Mohammad Moeed) और शकील (Shakeel) को आर्म्स एक्ट (Arms Act) में दोषी करार देते हुए 20 महीने 29 दिन कैद की सजा सुनाई। पुलिस और एनसीटी टीम ने आरोप लगाया था कि ये दोनों गजवातुल हिंद (Ghazwatul Hind) संगठन के सदस्य हैं और उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) में ब्लास्ट करने के लिए गोला–बारूद (explosives) इकट्ठा कर रहे थे।

आरोप और गिरफ्तारी:
UP ATS (Anti-Terrorist Squad) ने 11 जुलाई 2021 को मोहम्मद मोईद और शकील को गिरफ्तार किया था। दोनों पर यह आरोप था कि वे आतंकी संगठन के लिए भर्ती का काम कर रहे थे और अलकायदा (Al-Qaeda) के आतंकियों से संपर्क रखते थे। गिरफ्तारी के समय उनके पास हथियार और गोला–बारूद पाए गए थे, जिसके आधार पर उन्हें मुख्य जांच के लिए हिरासत में लिया गया।

अलकायदा से संपर्क का दावा:
जांच में यह दावा किया गया कि मोहम्मद मोईद और शकील ने अलकायदा (Al-Qaeda) से संपर्क बनाए रखा और उत्तर प्रदेश में आतंकी गतिविधियों को अंजाम देने के लिए योजनाएं बना रहे थे। इसके अलावा दोनों पर आरोप था कि वे गजवातुल हिंद (Ghazwatul Hind) संगठन के लिए नई भर्तियों (recruitments) का काम कर रहे थे, ताकि संगठन का दायरा बढ़ाया जा सके।

कोर्ट ने दोषी पाया:
हालांकि, लखनऊ (Lucknow) की स्पेशल कोर्ट ने सभी आरोपों में विस्तृत जांच के बाद फैसला सुनाया कि दोनो केवल आर्म्स एक्ट (Arms Act) के तहत दोषी हैं। कोर्ट ने दोनों को अवैध हथियार रखने और उनसे संबंधित अपराधों के लिए 20 महीने 29 दिन की कैद की सजा सुनाई। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि आतंकवाद से जुड़े अन्य आरोप साबित नहीं हुए हैं, लेकिन हथियार रखने के अपराध में उन्हें दंडित किया गया।

सजा का महत्व:
इस फैसले के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने कहा कि कानून का शासन (Rule of Law) बनाए रखना और अवैध हथियार रखने वालों के खिलाफ कार्रवाई करना प्राथमिकता है। प्रशासन ने यह भी जोर दिया कि आतंकवाद और अवैध गतिविधियों में संलिप्त व्यक्तियों पर निगरानी लगातार जारी रहेगी।


#Tag: Lucknow, UPATS, MohammadMoeid, Shakeel, GhazwatulHind, AlQaeda, ArmsAct, Terrorism, CourtVerdict

यह खबर स्थानीय संवादाता/मीडिया प्लेटफार्म या अन्य द्वारा प्राप्त की गई सूचना पर आधारित है।

Leave a Reply

Discover more from Apna Bharat Times

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading