सांस लेना हुआ मुश्किल, लखनऊ की हवा अब खतरनाक

लखनऊ (Lucknow) में वायु प्रदूषण के स्तर में लगातार वृद्धि हो रही है और नागरिकों के लिए सांस लेना मुश्किल होता जा रहा है। इंडस्ट्रियल एरिया से लेकर विधानसभा भवन के आसपास के इलाके भी अब सुरक्षित नहीं हैं। नगर निगम (Municipal Corporation) और उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (UPPCB) के तमाम प्रयासों के बावजूद हवा की गुणवत्ता लगातार खराब दर्ज की जा रही है।

वायु गुणवत्ता का लगातार गिरता स्तर:
लखनऊ में वायु प्रदूषण का स्तर अब ‘खराब’ श्रेणी में आ गया है। पीएम-2.5 और पीएम-10 पार्टिकल्स का स्तर काफी अधिक है, जो स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा बन सकता है। विशेषज्ञों के अनुसार, इन हानिकारक गैसों और पार्टिकल्स के लगातार बढ़ते स्तर से सांस की बीमारियों और फेफड़ों की समस्याओं में इजाफा हो सकता है।

नगर निगम और UPPCB के प्रयास:
नगर निगम (Municipal Corporation) और उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (UPPCB) की तरफ से लगातार प्रदूषण को कम करने के दावे किए जा रहे हैं। इसके तहत रोड पर धूल नियंत्रण, औद्योगिक प्रदूषण की निगरानी और पेड़-पौधों की सुरक्षा जैसे कदम उठाए गए हैं। हालांकि, इन प्रयासों का असर जमीन पर नहीं दिख रहा है और वायु गुणवत्ता पर कोई खास सुधार नहीं हुआ है।

इंडस्ट्रियल एरिया और विधानसभा भवन के आसपास खतरा:
विशेष रूप से इंडस्ट्रियल एरिया (Industrial Area) और विधानसभा भवन (Vidhan Sabha) के आसपास के इलाकों में प्रदूषण का स्तर सबसे अधिक है। यहाँ की हवा में मौजूद हानिकारक गैसें और पीएम पार्टिकल्स नागरिकों के लिए गंभीर खतरा बन रहे हैं। स्थानीय लोग बता रहे हैं कि सुबह-शाम की हवा में सांस लेना कठिन हो गया है और घरों के अंदर भी फिल्टर सिस्टम के बिना मुश्किल होती है।

सुरक्षा और स्वास्थ्य संबंधी चेतावनी:
वायु प्रदूषण विशेषज्ञों का कहना है कि लोग मास्क पहनें, बच्चों और बुजुर्गों को ज्यादा बाहर न भेजें और यदि संभव हो तो एयर प्यूरीफायर का उपयोग करें। साथ ही, औद्योगिक क्षेत्रों में काम करने वाले लोगों के लिए सुरक्षा उपाय अपनाना अत्यंत आवश्यक है।

स्थानीय नागरिकों की प्रतिक्रिया:
लखनऊ के नागरिकों ने नगर निगम (Municipal Corporation) और UPPCB से अपील की है कि प्रदूषण नियंत्रण के लिए ठोस कदम उठाए जाएँ। उन्होंने बताया कि लगातार खराब होती हवा से सांस की बीमारियों में इजाफा हुआ है और लोगों की दिनचर्या प्रभावित हो रही है।

निष्कर्ष:
लखनऊ (Lucknow) में वायु प्रदूषण की समस्या अब गंभीर रूप ले चुकी है। नगर निगम और यूपी प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (UP Pollution Control Board) को तत्काल ठोस और प्रभावी कदम उठाने की आवश्यकता है। यदि समय रहते उचित कदम नहीं उठाए गए, तो हवा की खराब गुणवत्ता लोगों के स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा बनी रहेगी।



#Tag: #Lucknow #AirPollution #UPPCB #MunicipalCorporation

Disclaimer: यह खबर स्थानीय संवादाता/मीडिया प्लेटफार्म या अन्य द्वारा प्राप्त की गई सूचना पर आधारित है।

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