गाजीपुर: निशुल्क न्याय सहायता के लिए सिविल जज की अध्यक्षता में विधिक शिविर आयोजित

रिपोर्टर: प्रदीप कुमार पाण्डेय

जनपद गाजीपुर (Ghazipur) में मुहम्मदाबाद यूसुफपुर (Muhammadabad Yusufpur) विधिक जागरूकता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण शिविर का आयोजन किया गया। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (District Legal Services Authority) के तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम की अध्यक्षता सिविल जज रंजीत कुमार जायसवाल ने की। शिविर का आयोजन तहसील सभागार में किया गया, जहां बड़ी संख्या में अधिकारी, कर्मचारी और आमजन उपस्थित रहे। यह आयोजन आगामी 22 फरवरी को जनपद न्यायालय परिसर में प्रस्तावित मेगा विधिक जागरूकता कैंप की तैयारी के क्रम में किया गया।

A meeting in a conference room with multiple participants seated around a large wooden table, discussing various topics. A banner in the background indicates the location, and a few individuals are actively speaking.

मेगा विधिक शिविर की तैयारी पर जोर:
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (District Legal Services Authority) द्वारा 22 फरवरी को जनपद न्यायालय परिसर में एक वृहद विधिक मेगा कैंप आयोजित किया जाना है। इसी क्रम में लोगों को अधिक से अधिक जागरूक करने और शिविर को सफल बनाने के उद्देश्य से तहसील स्तर पर यह कार्यक्रम संपन्न हुआ। सिविल जज रंजीत कुमार जायसवाल ने उपस्थित लोगों से अपील की कि वे मेगा कैंप में पहुंचकर विभिन्न विभागों द्वारा लगाए जाने वाले स्टॉल पर अपनी समस्याओं के समाधान हेतु जानकारी प्राप्त करें।

निशुल्क विधिक सहायता की जानकारी दी गई:
शिविर को संबोधित करते हुए सिविल जज रंजीत कुमार जायसवाल ने बताया कि सरकार द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं के संबंध में यदि किसी व्यक्ति को विधिक परामर्श, मार्गदर्शन या सहायता की आवश्यकता हो तो वह बिना किसी शुल्क के सहायता प्राप्त कर सकता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (District Legal Services Authority) का उद्देश्य समाज के प्रत्येक वर्ग को सुलभ और निशुल्क न्यायिक सहायता उपलब्ध कराना है, ताकि कोई भी व्यक्ति जानकारी के अभाव में अपने अधिकारों से वंचित न रहे।

लोक अदालत के माध्यम से विवाद निस्तारण की प्रक्रिया:
शिविर में यह भी बताया गया कि जन उपयोगी सेवाओं से जुड़े विवादों को न्यायालय में मुकदमा दायर करने से पहले प्री-लिटिगेशन स्तर पर अस्थाई लोक अदालत में प्रस्तुत किया जा सकता है। इसमें संबंधित पक्ष को नोटिस भेजकर बुलाया जाता है और दोनों पक्षों के बीच आपसी सहमति से समाधान कराने का प्रयास किया जाता है। स्थाई लोक अदालत की पीठ द्वारा सुलह-समझौते के माध्यम से विवादों का निस्तारण कराया जाता है। इस प्रक्रिया में किसी भी प्रकार का शुल्क नहीं लिया जाता और पारित निर्णय सिविल न्यायालय के निर्णय के समान बाध्यकारी होता है।

अधिकारियों और अधिवक्ताओं की उपस्थिति:
कार्यक्रम में सिविल जज मनोज कुमार यादव, उपजिलाधिकारी डॉ. हर्षिता तिवारी, तहसीलदार महेंद्र बहादुर सिंह तथा खंड विकास अधिकारी यशवंत राव सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे। इसके अतिरिक्त सेंट्रल बार एसोसिएशन (Central Bar Association) के अध्यक्ष दयाशंकर दुबे, अधिवक्ता आलोक राय, चंद्र प्रकाश राय और कृष्णानंद राय सहित अन्य अधिवक्ता भी उपस्थित रहे। ग्रामीण क्षेत्र से आए लोगों ने भी शिविर में भाग लेकर विधिक प्रक्रियाओं से संबंधित जानकारी प्राप्त की।

जनजागरूकता को लेकर प्रशासन की पहल:
इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य आम नागरिकों को उनके विधिक अधिकारों और उपलब्ध निशुल्क सेवाओं के प्रति जागरूक करना रहा। अधिकारियों ने कहा कि विधिक जागरूकता से ही समाज में न्याय तक समान पहुंच सुनिश्चित की जा सकती है। आगामी मेगा कैंप को लेकर प्रशासन ने व्यापक स्तर पर तैयारियां शुरू कर दी हैं, ताकि अधिक से अधिक लोगों को इसका लाभ मिल सके।


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