Lakhimpur Kheri: धौरहरा वन रेंज क्षेत्र में गुरुवार को वन विभाग ने एक तेंदुआ पिंजरे में कैद कर ग्रामीणों की चिंता और दहशत को समाप्त किया। यह तेंदुआ पिछले तीन महीनों से किसानों के खेतों और आबादी वाले इलाकों में दिखाई दे रहा था, जिससे स्थानीय लोगों में लगातार भय का माहौल बना हुआ था।
वन विभाग ने तेंदुए को पकड़ने के लिए विशेष पिंजरा लगाया था। पिंजरे में चारे के तौर पर एक बकरी बांधी गई थी। गुरुवार को तेंदुआ उसी बकरी की ओर आकर्षित होकर पिंजरे में प्रवेश कर गया और फंस गया। इस कार्रवाई से इलाके में रहने वाले ग्रामीणों ने राहत की सांस ली।
वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि तेंदुए को किसी सुरक्षित और उपयुक्त स्थान पर छोड़ने की योजना बनाई गई है। उन्होंने ग्रामीणों से आग्रह किया कि इस दौरान पिंजरे के पास न जाएं और तेंदुए को परेशान न करें, ताकि यह सुरक्षित रूप से स्थानांतरित किया जा सके।
पिछले कुछ महीनों में तेंदुए के दिखाई देने की घटनाओं ने किसानों और ग्रामीणों में चिंता बढ़ा दी थी। खेतों में पैदावार को नुकसान पहुंचाने के साथ-साथ लोगों के घरों के आसपास घूमने के कारण यह स्थिति गंभीर हो गई थी। वन विभाग की इस कार्रवाई से इलाके में सुरक्षा का भरोसा बढ़ा है।
वन विभाग के अधिकारियों ने कहा कि इस प्रकार की योजनाएं भविष्य में भी जारी रहेंगी, ताकि जंगली जानवरों और मानव समुदाय के बीच संघर्ष से बचा जा सके। उन्होंने स्थानीय लोगों से अपील की कि वे जानवरों को परेशान न करें और वन विभाग की सलाह का पालन करें।
तेंदुए के सुरक्षित स्थानांतरण के बाद ग्रामीणों में शांति लौटने की उम्मीद है। वन विभाग का कहना है कि इस तरह की तादाद वाले जंगली जानवरों के मामलों में समय पर कदम उठाना बेहद जरूरी है, जिससे मानव-वन्यजीव संघर्ष से बचा जा सके और दोनों पक्ष सुरक्षित रहें।
इस घटना ने यह स्पष्ट कर दिया है कि वन विभाग की तत्परता और रणनीति से न केवल जंगली जानवरों की सुरक्षा सुनिश्चित होती है, बल्कि ग्रामीणों की चिंता और भय भी कम होता है।