Lakhimpur Kheri: धौरहरा तहसील क्षेत्र के बाढ़ प्रभावित गांवों में स्थिति को देखते हुए अपर जिलाधिकारी (एडीएम) नरेंद्र बहादुर सिंह ने व्यापक निरीक्षण किया। उन्होंने लुधौनी और मढ़वा गांव के साथ शारदा और घाघरा नदी के कटान प्रभावित क्षेत्रों का स्थलीय निरीक्षण कर अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए।
एडीएम ने जसवंतनगर और हसनपुर कटौली बाढ़ चौकियों का भी निरीक्षण कर तैयारियों का जायजा लिया। मडवा, मिर्जापुर सरैया और रुद्रपुर सालिम गांव में कटान प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण कर एडीएम ने कटावरोधी कार्यों की समीक्षा की। निरीक्षण के दौरान उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी बाढ़ चौकियों को पूरी तरह एक्टिव मोड में रखा जाए और हर बदलाव की रियल टाइम रिपोर्टिंग सुनिश्चित की जाए।
एडीएम ने एसडीएम को भी निर्देश दिए कि गांववासियों के साथ प्रभावी कम्युनिकेशन प्लान तैयार किया जाए, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत सूचनाएं और मदद उपलब्ध हो। उन्होंने यह भी कहा कि बाढ़ बचाव कार्यों में गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।
लखीमपुर खीरी प्रशासन ने बाढ़ से बचाव की तैयारियां पहले ही शुरू कर दी हैं। 26 जून को बाढ़ मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया था, जिसमें सभी संबंधित विभागों के अधिकारी शामिल हुए। एडीएम ने स्पष्ट निर्देश दिए कि मॉक ड्रिल को औपचारिकता न माना जाए और इसे वास्तविक, सामूहिक और तत्काल प्रतिक्रिया क्षमता का परीक्षण माना जाए।
एडीएम के निरीक्षण और दिए गए निर्देशों से यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में समय पर मदद पहुंच सके और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए प्रशासन पूरी तरह तैयार रहे। स्थानीय प्रशासन की सतर्कता से लोगों की सुरक्षा को बढ़ावा मिलेगा और कटान एवं बाढ़ से होने वाले नुकसान को न्यूनतम किया जा सकेगा।


