Lakhimpur Kheri: लखीमपुर खीरी के जिला चिकित्सालय से संबद्ध स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय ने एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। यहाँ ईएनटी सर्जन डॉ. अमित कुमार सिंह और उनकी टीम ने एक बेहद जोखिम भरा और जटिल ऑपरेशन कर एक युवक की जान बचाई, जिसका गला बुरी तरह से कटा हुआ था।
डॉ. अमित कुमार सिंह ने बताया कि जब युवक को अस्पताल लाया गया, तो उसकी हालत बेहद नाजुक थी। उसकी सांस की पूरी नली, खाने की आधी से ज़्यादा नली और गले का आधे से ज़्यादा हिस्सा कट चुका था। ऐसी स्थिति में मरीज़ की जान कभी भी जा सकती थी। लेकिन, टीम ने तुरंत कार्रवाई की और समय रहते कटे हुए गले से सांस की नली (पाइप) डालकर उसकी जान बचाई। इसके साथ ही, भारी रक्तस्राव को भी सफलतापूर्वक नियंत्रित किया गया।
ऑपरेशन टीम और सहयोग
इस महत्वपूर्ण ऑपरेशन में डॉ. अमित कुमार सिंह के साथ जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. आरके कोली और सर्जन डॉ. हर्ष देव भारती भी शामिल थे। डॉ. सिंह ने इस सफलता का श्रेय मेडिकल कॉलेज की प्राचार्य प्रोफेसर डॉ. वाणी गुप्ता को दिया, जिनके लगातार सहयोग और मार्गदर्शन से यह संभव हो पाया।
डॉ. वाणी गुप्ता ने कहा कि यह ऑपरेशन सिर्फ मेडिकल कॉलेज के लिए ही नहीं, बल्कि पूरे जिले के लिए एक बड़ी उपलब्धि है। उन्होंने कहा कि अब यहाँ गरीब मरीज़ों के लिए भी गंभीर से गंभीर सर्जरी संभव हो पा रही है, जिससे उन्हें इलाज के लिए बाहर नहीं जाना पड़ेगा।
मरीज को लखनऊ किया गया रेफर
ऑपरेशन के बाद, जब युवक की हालत सामान्य हुई, तो उसकी उम्र और स्थिति को ध्यान में रखते हुए उसे बेहतर इलाज के लिए किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (केजीएमयू) ट्रॉमा सेंटर, लखनऊ रेफर कर दिया गया। वहाँ से मिली जानकारी के अनुसार, युवक की हालत अभी भी गंभीर है, लेकिन उसे खतरे से बाहर बताया गया है।
यह सफल ऑपरेशन लखीमपुर खीरी के स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र में एक मील का पत्थर है, जो यह दर्शाता है कि अब स्थानीय स्तर पर भी जटिल और गंभीर मामलों का इलाज संभव है। यह सफलता स्थानीय लोगों में उम्मीद जगाएगी और उन्हें विश्वास दिलाएगी कि अब उन्हें बेहतर चिकित्सा सुविधाओं के लिए दूसरे शहरों में जाने की जरूरत नहीं है।
मेडिकल कॉलेज में सफल ऑपरेशन, कटे गले वाले युवक की जान बची

