Lakhimpur Kheri: सनातन धर्म सरस्वती बालिका इंटर कॉलेज की प्रतिभाशाली छात्रा अंजलि ने मिशन शक्ति अभियान के अंतर्गत एक दिन के लिए जिला विद्यालय निरीक्षक की जिम्मेदारी संभाली। यह अवसर न केवल छात्रा के लिए बल्कि विद्यालय और जिले के लिए भी गर्व का विषय बना। इस अभियान का उद्देश्य बालिकाओं को सशक्त बनाना और उनमें नेतृत्व कौशल विकसित करना है।
छात्रा अंजलि की जिम्मेदारी
अंजलि कक्षा दसवीं की टॉपर हैं और अपनी पढ़ाई के साथ-साथ अनुशासन और मेहनत के लिए भी जानी जाती हैं। मिशन शक्ति अभियान के अंतर्गत जब उन्हें जिला विद्यालय निरीक्षक की जिम्मेदारी दी गई तो उन्होंने इसे पूरी गंभीरता से निभाया।
एक दिन की इस भूमिका में उन्होंने विद्यालयों का निरीक्षण किया, वहां की शिक्षा व्यवस्था का जायजा लिया और बुनियादी सुविधाओं का मूल्यांकन किया। अंजलि ने इस दौरान कई निर्णय भी लिए, जिनका उद्देश्य विद्यालयों की व्यवस्था को और बेहतर बनाना था।
मिशन शक्ति अभियान का उद्देश्य
मिशन शक्ति अभियान की पहल बालिकाओं को आत्मनिर्भर और सशक्त बनाने के लिए की गई है। इस अभियान के तहत उन्हें अलग-अलग क्षेत्रों में नेतृत्व की भूमिका निभाने के अवसर दिए जाते हैं।
अभियान का मकसद यह है कि बालिकाएं न केवल शिक्षा में आगे बढ़ें बल्कि सामाजिक और प्रशासनिक स्तर पर भी अपनी भूमिका निभाने का आत्मविश्वास हासिल करें। छात्रा अंजलि का जिला विद्यालय निरीक्षक के रूप में एक दिन का कार्यकाल इसी सोच का परिणाम है।
आगे की योजना
इस अभियान के तहत सिर्फ अंजलि ही नहीं बल्कि और भी कई बालिकाओं को ऐसे अवसर प्रदान किए जाएंगे। उन्हें विभिन्न जिम्मेदारियों और पदों पर आसीन किया जाएगा, जिससे उनका आत्मविश्वास बढ़े और नेतृत्व कौशल का विकास हो। इस प्रक्रिया से न केवल बालिकाओं को लाभ मिलेगा बल्कि समाज में भी सकारात्मक बदलाव देखने को मिलेंगे।
विद्यालय की प्रतिक्रिया
विद्यालय प्रशासन इस उपलब्धि को लेकर बेहद उत्साहित रहा। प्राचार्य ने कहा कि अंजलि का यह अनुभव न केवल उनके आत्मविश्वास को बढ़ाएगा बल्कि विद्यालय की अन्य छात्राओं के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बनेगा। इस अवसर को लेकर विद्यालय में प्रसन्नता का माहौल रहा और छात्राओं ने भी इस उपलब्धि से प्रेरणा ली।
प्रेरणादायक उदाहरण
मिशन शक्ति अभियान के अंतर्गत अंजलि का जिला विद्यालय निरीक्षक के रूप में कार्यभार संभालना एक प्रेरणादायक उदाहरण है। इससे यह संदेश गया कि अवसर मिलने पर बालिकाएं हर क्षेत्र में अपनी क्षमता का परिचय दे सकती हैं।
यह पहल न केवल अंजलि के जीवन में एक महत्वपूर्ण अनुभव बनकर रहेगी बल्कि अन्य बालिकाओं के लिए भी यह प्रेरणा बनेगी कि वे भी आगे बढ़कर अपनी प्रतिभा और नेतृत्व कौशल का प्रदर्शन करें।