Lakhimpur kheri: धौरहरा वन रेंज में चार दिन पहले वन विभाग द्वारा रेस्क्यू किए गए लगभग 3 महीने के तेंदुए के शावक की इलाज के दौरान मौत हो गई। शावक को बीमार हालत में धौरहरा रेंज परिसर लाया गया था, जहाँ पशु डॉक्टरों की टीम ने उसका इलाज किया।
शावक की मौत से वन विभाग में हड़कंप मच गया है। दुधवा टाइगर रिजर्व के फील्ड डायरेक्टर डॉ. एच. राजामोहन ने बताया कि मौत का कारण अभी स्पष्ट नहीं है, लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट में अंदरूनी अंग खराब होने से मौत की पुष्टि हुई है। उन्होंने कहा कि विसरा (आंतरिक अंग का नमूना) सुरक्षित कर जांच के लिए बरेली भेजा गया है, ताकि मौत के सही कारणों का पता चल सके। रिपोर्ट आने के बाद ही इस पर आगे की जानकारी दी जाएगी।
मझंगई क्षेत्र में तेंदुए का आतंक
एक तरफ जहाँ शावक की मौत हुई है, वहीं दूसरी तरफ मझंगई क्षेत्र में एक तेंदुए के आने से लोगों में दहशत फैल गई है। इस तेंदुए ने गाँव में कई मवेशियों पर हमला किया है, जिससे ग्रामीण भयभीत हैं। सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और तेंदुए की तलाश में ड्रोन से निगरानी शुरू कर दी है। टीम ने आसपास के लोगों से सतर्क रहने और अपने पालतू जानवरों को सुरक्षित रखने की अपील की है।
वन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि वे लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं और जल्द ही तेंदुए को सुरक्षित पकड़कर जंगल में छोड़ दिया जाएगा। जब तक तेंदुआ पकड़ा नहीं जाता, तब तक ग्रामीणों को रात में अकेले बाहर निकलने से बचना चाहिए।
इस घटना से यह स्पष्ट होता है कि वन और मानव आबादी के बीच संघर्ष लगातार बढ़ रहा है, जिसका खामियाजा दोनों को भुगतना पड़ रहा है। वन विभाग को इस समस्या का स्थायी समाधान तलाशने की जरूरत है ताकि वन्यजीवों और इंसानों दोनों को सुरक्षित रखा जा सके।
तेंदुए के शावक की मौत, क्षेत्र में दहशत

