लखीमपुर खीरी के दक्षिण निघासन रेंज की लुधौरी बीट के ओरीपुरवा गांव में उस समय हड़कंप मच गया जब एक विशालकाय अजगर को दामोदर कुमार के घर के पास देखा गया। इस अप्रत्याशित घटना से गांव में भय का माहौल बन गया, लेकिन तुरंत ही इसकी सूचना वन विभाग को दी गई, जिसके बाद विभाग की टीम तेजी से मौके पर पहुंची।
वन विभाग की त्वरित कार्रवाई और सूझबूझ
वन विभाग की टीम ने बिना देर किए मौके पर पहुंचकर स्थिति को संभाला। टीम के सदस्यों ने अपनी सूझबूझ और सतर्कता का परिचय देते हुए अजगर को पकड़ने की योजना बनाई। यह एक नाजुक काम था क्योंकि अजगर विशाल था और उसे बिना किसी नुकसान के पकड़ना जरूरी था। वन कर्मियों ने धैर्यपूर्वक काम करते हुए अंततः अजगर को सुरक्षित रूप से रेस्क्यू कर लिया।
सुरक्षित जंगल में अजगर को छोड़ा गया
अजगर को सुरक्षित रेस्क्यू करने के बाद, वन विभाग ने उसे लुधौरी वन ब्लॉक-1 के घने और सुरक्षित जंगल क्षेत्र में छोड़ने का फैसला किया। इस कदम से न केवल अजगर की जान बची, बल्कि ग्रामीणों की चिंता भी दूर हुई। अजगर को उसके प्राकृतिक आवास में सफलतापूर्वक छोड़ने के बाद, गांव वालों ने राहत की सांस ली और वन विभाग की इस त्वरित और कुशल कार्रवाई की जमकर सराहना की। इस पूरी घटना ने यह साबित किया कि जंगली जानवरों और इंसानों के बीच सौहार्दपूर्ण सह-अस्तित्व संभव है, बशर्ते सही समय पर सही कदम उठाए जाएं।
जंगली जानवरों के दिखने पर क्या करें
इस घटना के बाद, वन विभाग ने ग्रामीणों से एक महत्वपूर्ण अपील की। विभाग ने लोगों से कहा कि अगर उन्हें कोई भी जंगली जानवर या सांप दिखाई दे तो वे घबराएं नहीं। बल्कि, तुरंत इसकी सूचना वन विभाग को दें। ऐसा करने से न केवल जानवरों की जान बचेगी, बल्कि आमजन की सुरक्षा भी सुनिश्चित होगी। विभाग ने यह भी बताया कि इस तरह की सूचना मिलने पर उनकी टीमें तुरंत कार्रवाई करेंगी, ताकि किसी भी तरह के अप्रिय घटना से बचा जा सके। इस तरह की जागरूकता से इंसान और वन्यजीव, दोनों के लिए सुरक्षित वातावरण बनाया जा सकता है।

