मां आदि शक्ति फाउन्डेशन की पहल: बाढ़ पीड़ितों तक पहुंचाई जा रही राहत



Lakhimpur Kheri: बाढ़ प्रभावित इलाकों में जरूरतमंद परिवारों की मदद के लिए मां आदि शक्ति फाउन्डेशन आगे आया है। संस्था की ओर से राहत सामग्री भेजी जा रही है, जिसमें रोजमर्रा की जरूरत की चीजें जैसे चावल, लाईया, चना, गुड़, बिस्किट, ब्रेड, रस, कपड़े और बेडशीट शामिल हैं। इस प्रयास का मुख्य उद्देश्य पीड़ितों को त्वरित सहायता उपलब्ध कराना और उनके संकट को कम करना है।



फाउन्डेशन के संरक्षक ने कहा कि यह समय सामाजिक एकजुटता दिखाने का है। उन्होंने अन्य संस्थाओं और संगठनों से भी आगे आकर बाढ़ पीड़ितों की मदद करने की अपील की। उनका मानना है कि सामूहिक प्रयास से ही प्रभावित क्षेत्रों तक ज्यादा से ज्यादा सहायता पहुंचाई जा सकती है।


राहत सामग्री में शामिल आवश्यक वस्तुएं

संस्था की ओर से भेजे जा रहे पैकेज में जीवन-यापन के लिए जरूरी वस्तुएं रखी गई हैं। चावल, लाईया और चना जैसे खाद्य पदार्थ पीड़ितों की मूलभूत भोजन की जरूरतों को पूरा करेंगे। वहीं गुड़, बिस्किट और ब्रेड जैसे त्वरित उपयोग वाले खाद्य पदार्थ तत्काल भूख मिटाने में सहायक होंगे। इसके साथ ही रस, कपड़े और बेडशीट प्रभावित परिवारों के लिए तत्काल राहत बनेंगे।


सहयोग की अपील

संस्था की ओर से साफ तौर पर कहा गया कि इस आपदा की घड़ी में हर संस्था और व्यक्ति को अपनी क्षमता के अनुसार योगदान देना चाहिए। जब तक समाज मिलकर आगे नहीं आएगा, तब तक बाढ़ पीड़ितों की मुश्किलें पूरी तरह से कम नहीं हो पाएंगी।


महिलाओं की सक्रिय भागीदारी

इस कार्यक्रम में महिलाओं ने भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। मधुलिका त्रिपाठी, रेनुका टंडन, संगीता तिवारी, अपर्णा कश्यप, कोमल गुप्ता, दुर्गा सेठ, सोनिका रस्तोगी, दीप्ती गुप्ता और आरती चोपड़ा जैसे कई सामाजिक कार्यकर्ताओं की मौजूदगी से यह संदेश भी गया कि राहत कार्यों में महिला शक्ति समान रूप से योगदान दे रही है।

निष्कास

मां आदि शक्ति फाउन्डेशन की यह पहल बाढ़ पीड़ितों के लिए बड़ी राहत है। संस्था का प्रयास न सिर्फ प्रभावित परिवारों को सहारा दे रहा है बल्कि समाज में सहयोग और सेवा की भावना को भी मजबूत कर रहा है। ऐसे कदम समाज के लिए प्रेरणादायक हैं और यह साबित करते हैं कि कठिन परिस्थितियों का समाधान तभी संभव है जब सभी मिलकर आगे आएं।

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