देव दीपावली: गंगा घाटों पर कितने दीप जलें, क्या है इसका महत्व?

वाराणसी के पवित्र श्री काशी विश्वनाथ धाम में देव दीपावली के अवसर पर अद्भुत दृश्य देखने को मिला। मां गंगा के पावन तट और 84 गंगा घाटों पर आस्था, संस्कृति और परंपरा का अनोखा संगम देखने को मिला, जब करीब 15 लाख से अधिक दीपों से पूरा शहर जगमगा उठा। इस ऐतिहासिक पल का साक्षी बनने के लिए देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु वाराणसी पहुंचे। इस भव्य आयोजन में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराई और मां गंगा की आरती में सम्मिलित हुए।

भक्ति और संस्कृति का संगम:
देव दीपावली का पर्व वाराणसी की धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान का प्रतीक माना जाता है। इस दिन काशी के हर घाट पर दीपों की कतारें मानो धरती पर उतरते तारों जैसा दृश्य प्रस्तुत करती हैं। मां गंगा के तट पर जलते दीप श्रद्धा और भक्ति की एक अद्भुत छटा बिखेरते हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) ने इस अवसर पर उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए कहा कि काशी की देव दीपावली न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक है बल्कि यह भारत की सांस्कृतिक एकता और सनातन परंपरा की अमर ज्योति का द्योतक भी है।

नमो घाट से हुई मुख्य आरती:
देव दीपावली का मुख्य आयोजन वाराणसी के नमो घाट (Namo Ghat) पर हुआ, जहां शाम 5:30 बजे से भव्य दीप प्रज्वलन कार्यक्रम प्रारंभ हुआ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) ने दीप प्रज्ज्वलन कर कार्यक्रम की शुरुआत की। इस अवसर पर पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह (Jaiveer Singh) और राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) स्टाम्प एवं न्यायालय शुल्क तथा पंजीयन रविंद्र जायसवाल (Ravindra Jaiswal) भी उपस्थित रहे। तीनों अतिथियों ने मां गंगा की आरती में भाग लिया और काशी की दिव्यता का अनुभव किया।

15 लाख दीपों से सजी काशी:
देव दीपावली के इस अवसर पर वाराणसी को दीपों की रोशनी से सजाया गया। करीब 15 लाख दीप जलाकर श्रद्धालुओं ने मां गंगा के प्रति अपनी आस्था प्रकट की। 84 घाटों पर दीपों की कतारें, जल पर झिलमिलाती रोशनी और गंगा आरती के मंत्रोच्चार ने वातावरण को पूरी तरह भक्तिमय बना दिया। घाटों से लेकर गलियों तक दीपों की जगमगाहट ने पूरे शहर को दिव्यता से आलोकित कर दिया। यह दृश्य ऐसा था मानो आकाश के तारे स्वयं काशी में उतर आए हों।

पर्यटन और संस्कृति को मिली नई पहचान:
देव दीपावली जैसे आयोजन न केवल आस्था का केंद्र हैं, बल्कि वाराणसी को वैश्विक पर्यटन के मानचित्र पर एक नई पहचान भी दिला रहे हैं। देश-विदेश से आने वाले पर्यटक इस अवसर पर काशी की आध्यात्मिकता और भारतीय संस्कृति की झलक देखते हैं। पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह (Jaiveer Singh) ने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार ऐसे आयोजनों के माध्यम से राज्य की सांस्कृतिक धरोहर को और मजबूत बनाने के लिए संकल्पित है।

सीएम योगी ने की शुभकामनाएं व्यक्त:
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) ने देव दीपावली के इस पावन अवसर पर प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि काशी की देव दीपावली विश्व में भारत की आस्था और परंपरा का संदेश देती है। यह आयोजन आने वाली पीढ़ियों को अपनी संस्कृति से जोड़ने का एक माध्यम है।

समापन:
देव दीपावली के इस पर्व ने एक बार फिर यह सिद्ध कर दिया कि काशी केवल एक शहर नहीं, बल्कि आस्था, संस्कृति और अध्यात्म का अद्वितीय संगम है। लाखों दीपों की रोशनी में नहाई काशी ने न केवल भारत, बल्कि पूरी दुनिया को अपनी अद्भुत सांस्कृतिक विरासत का दर्शन कराया।


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डिस्क्लेमर: यह खबर स्थानीय संवाददाता/मीडिया प्लेटफार्म या अन्य द्वारा प्राप्त की गई सूचना पर आधारित है।

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