रिपोर्ट: जुम्मन कुरैशी
Kasganj: जनपद से एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहां रामलीला के मंच पर आस्था और संस्कृति की मर्यादा को तार-तार कर दिया गया। कोतवाली गंजडुंडवारा क्षेत्र के कस्बे में स्थित पंचायती बाग रामलीला मैदान (Panchayati Bagh Ramlila Maidan) में भगवान श्री राम (Lord Ram) के समक्ष ही मंच पर बार बालाओं द्वारा अश्लील नृत्य किए जाने का मामला सामने आया है। इस कृत्य ने न केवल धार्मिक भावनाओं को आहत किया, बल्कि रामलीला मंच की पवित्रता पर भी सवाल खड़े कर दिए।
रामलीला मंच पर हुआ फूहड़ नृत्य:
जानकारी के अनुसार, रामलीला के दौरान मंच पर धार्मिक प्रस्तुतियों के बीच ही बार-बार अश्लील डांस प्रस्तुत किए जा रहे थे। भगवान राम, सीता और लक्ष्मण के मंचन के दौरान बार बालाओं के फूहड़ ठुमकों ने दर्शकों को हैरान कर दिया। इस पूरे दृश्य के दौरान राम दरबार की पवित्र छवि के सामने ऐसी हरकतों ने आयोजकों की नीयत और प्रशासन की भूमिका पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
मासूम बच्चों के सामने हुआ अशोभनीय प्रदर्शन:
सबसे चिंताजनक बात यह रही कि अश्लील नृत्य मासूम और नाबालिग बच्चों के सामने हुआ। धार्मिक आयोजन के नाम पर जहां बच्चों को रामायण के आदर्शों और संस्कारों से परिचित कराया जाना चाहिए था, वहीं मंच पर हो रहे ऐसे फूहड़ प्रदर्शनों ने कार्यक्रम के उद्देश्य को पूरी तरह विकृत कर दिया। दर्शकों में मौजूद कई अभिभावक इस दृश्य को देखकर आक्रोशित हो उठे।
नगरवासियों ने की निंदा और जताया आक्रोश:
रामलीला के मंच पर हुए इस अशोभनीय नृत्य के वीडियो सोशल मीडिया (Social Media) पर तेजी से वायरल हो गए। नगरवासियों ने इन वीडियो को साझा कर इस कृत्य की कड़ी निंदा की है। कई लोगों ने टिप्पणी करते हुए कहा कि धार्मिक आयोजनों में इस तरह के फूहड़पन का कोई स्थान नहीं होना चाहिए। यह केवल संस्कृति का अपमान नहीं, बल्कि धर्म की आस्था पर चोट है।
रामलीला कमेटी और प्रशासन पर लगे आरोप:
स्थानीय लोगों का कहना है कि पिछले कई दिनों से रामलीला के बीच-बीच में ऐसे अश्लील नृत्य हो रहे थे, लेकिन रामलीला कमेटी (Ramlila Committee) और पुलिस प्रशासन (Police Administration) ने इस पर कोई संज्ञान नहीं लिया। लोगों ने आरोप लगाया कि दोनों ही पक्ष मूकदर्शक बने रहे और धार्मिक मर्यादा के इस उल्लंघन पर आंखें मूंदे रहे। यह लापरवाही जनभावनाओं को ठेस पहुंचाने वाली मानी जा रही है।
इलाका पुलिस रही मूकदर्शक:
सूत्रों के अनुसार, रामलीला मंच पर हो रहे अश्लील नृत्य के दौरान इलाके की पुलिस मौजूद थी, लेकिन उन्होंने कोई कार्रवाई नहीं की। पुलिसकर्मियों की यह चुप्पी लोगों में नाराजगी का कारण बनी हुई है। सवाल उठ रहे हैं कि जब अश्लीलता खुलेआम हो रही थी, तब कानून व्यवस्था का पालन कराने वाली पुलिस ने चुप्पी क्यों साध ली।
धार्मिक मर्यादा पर उठे सवाल:
रामलीला का उद्देश्य भगवान राम के आदर्शों, त्याग और मर्यादा के संदेश को समाज तक पहुंचाना होता है। लेकिन पंचायती बाग रामलीला मैदान में हुए इस प्रकरण ने उसकी गरिमा को धूमिल कर दिया। भक्तों और दर्शकों ने प्रशासन से इस घटना की जांच और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है, ताकि भविष्य में धार्मिक आयोजनों की पवित्रता बनी रहे।
कासगंज की यह घटना न केवल स्थानीय स्तर पर चर्चा का विषय बनी हुई है, बल्कि सोशल मीडिया पर भी व्यापक रूप से साझा की जा रही है। लोगों का कहना है कि धर्म और संस्कृति के नाम पर इस तरह की गतिविधियों को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जा सकता।