Kanpur: कानपुर में रविवार को एक 19 वर्षीय रेडियोलॉजी छात्रा ने अपने हॉस्टल के कमरे में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। छात्रा सपा विधायक अमिताभ बाजपेई के हॉस्टल में चौथी मंजिल पर रह रही थी। आत्महत्या से पहले उसने अपनी बहन और रूम पार्टनर को दवा लेने भेजा था। जब दोनों बाजार से लौटीं, तो कमरे का दरवाजा बंद मिला।
हॉस्टल में अकेली थी छात्रा
छोटी बहन दीप्ति ने बताया कि पलक, जो BMRET फर्स्ट ईयर की छात्रा थी, इस समय एंग्जाइटी और डिप्रेशन की दवा ले रही थी। रविवार को पलक ने दीप्ति और रूम पार्टनर आराध्या मिश्रा को दवा लेने भेजा। जब बाजार से लौटे, तो हॉस्टल का मेस वाला चाय और नाश्ता लेकर आया और दरवाजा खटखटाया, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला।
दरवाजा तोड़कर मिली दर्दनाक तस्वीर
दीप्ति और आराध्या ने भी मोबाइल पर कॉल किया, लेकिन पलक ने कॉल रिसीव नहीं की। दोनों ने और जोर-जोर से दरवाजा पीटा, लेकिन कोई हलचल नहीं हुई। हॉस्टल की अन्य छात्राएं और वॉर्डन भी मौके पर आईं। किसी अनहोनी की आशंका के चलते काकादेव थाना को सूचित किया गया। पुलिस ने दरवाजा तोड़कर अंदर देखा, तो पलक फंदे से लटक रही थी।
परिवार का रो-रोकर बुरा हाल
पलक के पिता डॉ. अधेंदु कुमार धर, हार्ट स्पेशलिस्ट हैं और मां रेखा बेहद आहत हैं। परिवार ने बेटी के शव को पोस्टमॉर्टम हाउस पहुंचाया। माता-पिता का कहना है कि उन्हें समझ नहीं आ रहा कि पलक ने आत्महत्या क्यों की।
एंग्जाइटी और डिप्रेशन बताई जा रही है वजह
काकादेव थाने के इंस्पेक्टर राजेश शर्मा ने बताया कि घटना स्थल से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, आत्महत्या का कारण डिप्रेशन और एंग्जाइटी को माना जा रहा है।
छात्रा का शैक्षणिक और व्यक्तिगत पृष्ठभूमि
फर्रुखाबाद के सिंघीरामपुर निवासी पलक छत्रपति शाहू जी महाराज यूनिवर्सिटी से BMRET फर्स्ट ईयर की पढ़ाई कर रही थी। वह रानीगंज काकादेव में सपा विधायक के हॉस्टल में रह रही थी। दीप्ति ने बताया कि पलक के स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों और दवा लेने की आदत के बावजूद वह इस तरह की घटना को अंजाम दे देगी, इसकी कोई उम्मीद नहीं थी।
पुलिस की जांच जारी
पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच शुरू कर दी है। फिलहाल घटना के कारणों की पुष्टि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और मेडिकल रिकार्ड के आधार पर की जाएगी। हॉस्टल प्रशासन से भी जानकारी ली जा रही है।


