जिला पंचायत में भ्रष्टाचार? भाजपा सांसद के पत्र से मचा हडकंप…

गाजीपुर। क्याआपके गाँव में विकास कार्य हो रहा है? जिला पंचायत की सडकें बन रहीं हैं? अगर बन रही हैं तो क्या वो मानक के अनुसार सही हैं? क्या गाँव में रोड लाइट लगाया गया है? अगर लगाया गया है तो कितने लाइट लगाने के लिए आये और कितना लगा? क्या आपके गाँव में सफाई कर्मचारी है? क्या आपके गाँव में नाली का निर्माण हुआ है? क्या पानी के निकासी की व्यवस्था है? whatsapp और facebook हिन्दू मुस्लिम वाले नफरत के मैसेज पढना और भेजना छोडें. अपने गाँव की समस्याओं के बारे में विचार करें. अपने जनप्रतिनिधि से सवाल करें. अधिकारीयों से जानकारी इकठ्ठा करें. और YouTube पर नफ़रत वाली खबरें या अश्लील गाने देख रहे हैं तो उसे न देखें. देखना है अपना भारत टाइम्स यानि ABT न्यूज़ देखें और सब्सक्राइब तो जरुर कर लें. गूगल प्ले स्टोर से ABT News का एप भी डाउनलोड कर लें. जानकारी और जागरूक करने वाली खबरें पढ़ें भी और देखें भी.

सवाल जरुर करें. क्योंकि राजनीति में इतने रंग बहते हैं कि कब कौन सा नेता किस रंग में रंग जाये कहा नहीं जा सकता. अब जिला पंचायत में ही देख लीजिये. कई सारे ऐसे नेता हैं जिनको आपने किसी और रंग समझ कर वोट दिया और वो किसी और रंग में रंग गयें. है न…

गाजीपुर में आजादी के बाद पहली बार भाजपा का निर्वाचित जिला पंचायत अध्‍यक्ष के रूप में सपना सिंह अध्‍यक्ष की कुर्सी पर बैठीं हैं। केंद्र और प्रदेश में भाजपा की सरकार बनने के बाद जब जिला पंचायत अध्‍यक्ष की कुर्सी पर भाजपा का कब्‍जा हुआ तो उसके कार्यकर्ताओं के खुशी का ठीकाना नही रहा, वो कहने लगे कि अब हम लोगों के क्षेत्र में भी विकास कार्य होगा और हम लोगों के कहने पर अन्‍य कार्य भी होंगे। लेकिन यह खुशी कुछ ही दिन रही अब जिला पंचायत कार्यालय ठेका-पट्टों में बड़ी हिस्‍सेदारी लेने व अपना वर्चस्‍व जमाने के लिए सत्‍ता के बड़े जनप्रतिनिधियों और नेताओं का अखाड़ा बन गया है। आप अभी देख लें, सक्रिय राजनीति में आये जिला पंचायत अध्‍यक्ष सपना सिंह व उनके प्रतिनिधि पंकज सिंह चंचल का सिरदर्द बढ़ता जा रहा है।

जिला पंचायत परिषद की ओर से कराये जा रहे कार्यों में भारी अनियमिततायें होने की बात सामने आ रही है। खबर है कि जिला पंचायत परिषद की ओर से जिले में कराये जा रहे विकास कार्यों में भारी अनियमितता की तमाम शिकायत मिलने पर बलिया से बीजेपी सांसद वीरेंद्र सिंह मस्त ने जिला पंचायत परिषद के अपर मुख्य अधिकारी से जानकारी मांगी है। उन्होंने जिला पंचायत परिषद के वित्तीय वर्ष 2021-22 और वर्ष 2022-23 के कार्यों की पूरी जानकारी का ब्यौरा तलब किया है। बीजेपी सांसद वीरेंद्र सिंह मस्त ने भारी अनियमितता की शिकायत मिलने पर एएमओ से दो दिन के अंदर विस्तृत जानकारी मांगी है। उन्होंने अपने लेटर पैड पर पत्र लिख कर ये जानकारी मांगी है। ये पत्र 15 नवम्बर को सांसद की ओर से एएमओ को जारी किया गया।जिसमे उन्होंने दो वित्तीय वर्ष में जिला पंचायत में हुए सभी कार्यो की विस्तृत जानकारी भौतिक सत्यापन के साथ मांगी है।अपने पत्र में उन्होंने लिखा है कि ये सारी जानकारी विशेष पत्र वाहक के जरिये उन्हें दो दिन के अंदर उपलब्ध कराई जाए।ताकि वे आगे की कार्यवाही कर सके।इस पत्र से जिला पंचायत कार्यालय में हड़कंप मचा हुआ है।

एक मीडिया प्लेटफार्म के अनुसार इस संदर्भ में भारतीय जनता पार्टी के जिलाध्‍यक्ष भानुप्रताप सिंह ने बताया कि बलिया सांसद वीरेंद्र सिंह मस्‍त से इस संदर्भ में बात हुई तो उन्‍होने बताया कि इस तरह का मैं लेटर नहीं लिखता हूं। वहीं सांसद प्रतिनिधि अमन सिंह ने बताया कि जनता को विकास कार्यो की जानकारी देने के लिए यह पत्र लिखा गया है कि क्षेत्र में कितना कार्य हो रहा है। इस संदर्भ में जिला पंचायत अध्‍यक्ष प्रतिनिधि पंकज सिंह चंचल ने बताया कि जिला पंचायत गाजीपुर की पहली प्राथमिकता है कि विकास का लाभ गाजीपुर के हर जनता को मिले जिससे कि मोदी-योगी का सपना पूरा हो। हमारा यह चैलेंज है कि जिला पंचायत गाजीपुर के द्वारा कराये गये किसी भी कार्य को कोई भी जांच करा सकता है। लेकिन मैं किसी के दवाब में नियम विरुद्ध जाकर ठेका-पट्टा नही दूंगा। जिसको भी काम कराना है वह नियम के अनुसार टेंडर डालकर काम ले सकता है।

कुर्सी चाहे किसी पद की हो. लोग कहते हैं कि नेता चुनाव में पैसे खर्च करता है तो जितने के बाद उसका कई गुना वसूलता है यानि सामजिक हित का दोहन, यानि जनता के विकास को धंधा बनाकर अपनी आलिशान बंगले और गाड़ियों को मेंटेन करना. भाई अब देशहित के नजरिये से तो इसे देश भक्ति नहीं कही जा सकती. बाकि गाजीपुर में क्या हो रहा है ये तो जाँच का विषय है.

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