कानपुर/महाराजगंज। सपा के पूर्व विधायक इरफान सोलंकी मंगलवार शाम महराजगंज जेल से 34 महीने बाद बाहर आए। पत्नी नसीम सोलंकी, बच्चे और सास खुर्शिदा बेगम उन्हें लेने जेल पहुंचे। जेल का गेट शाम 6:15 बजे खुलते ही परिवार ने इरफान का गर्मजोशी से स्वागत किया। इरफान ने पत्नी और बच्चों को गले लगाकर रिहाई की खुशी साझा की।
जेल से रिहाई का भावपूर्ण क्षण
जेल से बाहर निकलते ही इरफान सोलंकी ने कार की सनरूफ से सिर बाहर कर समर्थकों का अभिवादन स्वीकार किया। समर्थकों ने नारेबाजी कर उनका उत्साह बढ़ाया। इरफान ने कहा, “ये न्याय की जीत है। मुझे अपने अल्लाह पर भरोसा था, है और आगे भी रहेगा।”

परिवार संग मिलन
नसीम सोलंकी सुबह ही बेटों के साथ जेल पहुंची थीं। अंदर जाते समय बेटों को केवल बाहर ही रहना पड़ा, और पत्नी अकेले इरफान से मिलीं। जेल के गेट पर परिवार की खुशी और भावनाओं का माहौल अत्यंत भावपूर्ण रहा। कार में पीछे बैठी नसीम ने इरफान को अपनी ओर बुलाया और इस दौरान दोनों ने प्यार का इजहार किया।

रिहाई में विलंब के कारण
इरफान सोलंकी को परवाना जेल मंगलवार सुबह 10 बजे पहुंचा। हालांकि रिहाई से पहले मनी लॉन्ड्रिंग मामले में ईडी ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए उनसे पूछताछ की। इस वजह से रिहाई में थोड़ी देरी हुई। कानपुर पहुंचने में इरफान को लगभग 8 घंटे लगेंगे।

हाईकोर्ट की जमानत और जेल में समय
चार दिन पहले इलाहाबाद हाईकोर्ट ने गैंगस्टर एक्ट मामले में इरफान को जमानत दी थी। यह उनका अंतिम मामला था जिसमें जमानत नहीं मिली थी। हाईकोर्ट से दस्तावेज कानपुर जेल भेजे जाने के कारण रिहाई में तीन दिन का अंतर आया। इरफान 2 दिसंबर 2022 से जेल में थे।

कानपुर में राजनीतिक पृष्ठभूमि
इरफान पर कुल 10 केस दर्ज हैं। 7 जून 2024 को कानपुर में महिला के प्लॉट पर आगजनी मामले में उन्हें सात साल की सजा हुई थी। इसके परिणामस्वरूप उनकी विधायकी चली गई। बाद में उपचुनाव में उनकी पत्नी नसीम सोलंकी विधायक बनीं।

