February 28, 2026

अमेरिका-इजराइल का ईरान पर हमला, 40 छात्राओं की मौत

इजराइल ने शनिवार सुबह ईरान की राजधानी तेहरान (Tehran, Iran) समेत कई प्रमुख शहरों पर हवाई और मिसाइल हमले किए। इरना न्यूज एजेंसी (IRNA News Agency, Iran) के अनुसार, इन हमलों में दक्षिणी ईरान (Southern Iran) के एक कॉलेज में पढ़ रही लगभग 40 छात्राओं की मौत हुई, जबकि 45 अन्य घायल बताए गए हैं।

ईरान की जवाबी कार्रवाई:
इजरान (Iran) ने इजराइल (Israel) के हमलों का तुरंत जवाब दिया और विभिन्न शहरों में इजराइल के ठिकानों और अमेरिकी बेस पर मिसाइलें दागीं। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इजरान ने करीब 400 मिसाइलें दागी हैं। इसके अलावा ईरान ने कुवैत (Kuwait), कतर (Qatar), बहरीन (Bahrain), सऊदी अरब (Saudi Arabia) और यूएई (UAE) के दुबई शहर को भी निशाना बनाया।

विशेष रणनीतिक लक्ष्य:
इजराइल ने इस ऑपरेशन के तहत ईरान के खुफिया मंत्रालय (Intelligence Ministry, Iran), रक्षा मंत्रालय (Defense Ministry, Iran), सुप्रीम लीडर अयातुल्ला खामेनेई (Ayatollah Khamenei, Iran) का ऑफिस और परमाणु ऊर्जा संगठन (Nuclear Energy Organization, Iran) को निशाना बनाया। हमले के बाद खामेनेई को सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट कर दिया गया।

जॉइंट मिलिट्री एक्शन:
इस हमले को इजराइल और अमेरिका (USA) का संयुक्त सैन्य अभियान बताया जा रहा है। इजराइल ने अपने अभियान का नाम ‘लियोनस् रोर’ (Leon’s Roar, Israel) रखा है। अल जजीरा (Al Jazeera, Qatar) ने अमेरिकी अधिकारियों के हवाले से बताया कि यह कार्रवाई अमेरिका और इजराइल की मिलिट्री साझेदारी का हिस्सा है।

परमाणु वार्ता और रणनीतिक तनाव:
यह हमला ईरान और अमेरिका के बीच चल रही परमाणु वार्ता (Nuclear Talks, Iran-USA) के दौरान हुआ है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प (Donald Trump, USA) ने इससे पहले ईरान पर सैन्य हमले की धमकी दी थी और कहा था कि यह कार्रवाई अमेरिका और उसके नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से है।

अमेरिकी सेना की भूमिका:
ट्रम्प (Trump) के अनुसार, अमेरिकी सेना (US Army, USA) ईरान की मिसाइलों को नष्ट करने और उसके मिसाइल प्रोग्राम को खत्म करने के प्रयास में है। इस कदम को रणनीतिक रूप से मध्य-पूर्व में सुरक्षा बनाए रखने और संभावित खतरे को रोकने के रूप में देखा जा रहा है।

वैश्विक सुरक्षा पर असर:
विशेषज्ञों का कहना है कि इजराइल और ईरान के बीच यह नई सैन्य कार्रवाई क्षेत्रीय तनाव को बढ़ा सकती है। अरब देश, अमेरिका और ईरान के बीच सैन्य गतिरोध वैश्विक तेल आपूर्ति, वित्तीय बाजार और राजनीतिक स्थिरता पर असर डाल सकता है।

नागरिकों की सुरक्षा:
ईरानी अधिकारियों ने नागरिकों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की चेतावनी जारी की है। वहीं इजराइल और अमेरिका ने कहा है कि उनका मुख्य उद्देश्य केवल सैन्य ठिकानों को निशाना बनाना है और किसी भी तरह के नागरिक नुकसान को न्यूनतम करना है।

अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया:
संयुक्त राष्ट्र (United Nations, International) ने दोनों देशों को संयम बरतने की अपील की है। विभिन्न देश इस घटना पर गहरी चिंता जता रहे हैं और मध्य-पूर्व में संघर्ष के बढ़ने की संभावना को लेकर सतर्क हैं।

आगे की कार्रवाई:
विशेषज्ञों के अनुसार, आने वाले दिनों में मिसाइल हमलों की तीव्रता और ईरान-इजराइल के बीच कूटनीतिक वार्ता महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। क्षेत्रीय देशों और वैश्विक शक्तियों की भूमिका इस संघर्ष को नियंत्रित करने के लिए अहम होगी।



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