भारत-पाकिस्तान के बीच सीजफायर के 25 घंटे बाद रविवार को तीनों सेनाओं ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की। इसमें डायरेक्टर जनरल ऑफ मिलिट्री ऑपरेशन (DGMO) लेफ्टिनेंट जनरल राजीव घई, वाइस एडमिरल एएन प्रमोद और एयर मार्शल अवधेश कुमार भारती ने ऑपरेशन सिंदूर की जानकारी दी। देखिए विडियो :
डीजीएमओ लेफ्टिनेंट जनरल राजीव घई ने कहा, आप सभी अब तक उस क्रूरता और नृशंस तरीके से परिचित हो चुके हैं, जिसमें 22 अप्रैल को पहलगाम में 26 निर्दोष लोगों की हत्या कर दी गई। पहलगाम के भयावह दृश्यों और परिवारों के दर्द को देखने के बाद निहत्थे नागरिकों पर हाल ही में हुए कई अन्य आतंकवादी हमलों की याद भी आई। सेना जानती थी कि एक राष्ट्र के रूप में हमारे संकल्प को दिखाने और एक दमदार बयान देने का समय आ गया है। ऑपरेशन सिंदूर की अवधारणा आतंक के अपराधियों और साजिश रचने वाले लोगों को दंडित करने और उनके आतंकी ढांचे को नष्ट करने के स्पष्ट सैन्य उद्देश्य के साथ की गई थी। भारत आतंक को नहीं सहने के लिए दृढ़ संकल्पित है।
तीनों सेनाओं के अधिकारी जब प्रेस ब्रीफिंग करने पहुंचे तो ऑडियो-वीडियो प्रस्तुति चलाई गई। इसके माध्यम से भी भारतीय सेना ने स्पष्ट संदेश दिया। ऐसा इसलिए क्योंकि जिस बैकग्राउंड संगीत का इस्तेमाल किया गया वह- शिव तांडव स्तोत्र का है। एयरमार्शल एके भारती, लेफ्टिनेंट जनरल राजीव घई, वाइस एडमिरल एएन प्रमोद और मेजर जनरल एसएस शारदा ने भारतीय सेना की कार्रवाई पर जानकारी दी।
डीजीएमओ राजीव घई ने बताया, सेना ने सीमा पार के आतंकी परिदृश्य को समझने के लिए बहुत मेहनत की। सुरक्षाबलों ने सूक्ष्मता से काम किया और आतंकी शिविरों और प्रशिक्षण स्थलों की पहचान की। कार्रवाई करने के लिए कई जगहें सामने आईं, लेकिन हमने गहन विचार-विमर्श किया, हमें एहसास हुआ कि इनमें से कुछ आतंकी केंद्र अब मौजूद नहीं हैं। हमने तय किया था कि हम केवल आतंकवादियों को ही निशाना बनाएंगे और आम नागरिकों के साथ-साथ दूसरे नुकसान को रोका जाएगा। खुफिया एजेंसियों ने नौ आतंकी शिविरों के बारे में पुष्टि की। इनमें से कुछ पाकिस्तानी कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर (पीओजेके) में थे, जबकि कुछ अन्य पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में थे। मुरीदके लश्कर-ए-तैयबा का केंद्र है। पिछले कई वर्षों में यहां अजमल कसाब और डेविड हेडली जैसे कुख्यात लोगों को ट्रेनिंग मिली है।
9 और 10 मई की रात को भी पाकिस्तान ने एयरफील्ड और महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों को निशाना बनाने की कोशिश की। थलसेना और वायुसेना की समेकित वायु रक्षा प्रणाली की वजह से हर हमले को नाकाम कर दिया गया। भारत की गोलाबारी में पाकिस्तान की सेना के 35-40 जवान मारे गए। डीजीएमओ ने बताया कि भारतीय सेना ने किसी भी पाकिस्तानी विमान को भारतीय सीमा में नहीं घुसने दिया, लेकिन इस समय इतना जरूर कह सकते हैं कि भारतीय सेना ने पाकिस्तान के कई अत्याधुनिक विमानों को मार गिराया।

DGMO लेफ्टिनेंट जनरल राजीव घई ने कहा 8-9 मई की रात को, पाकिस्तान ने सीमाओं के पार हमारे हवाई क्षेत्र में ड्रोन और विमान भेजने की हिमाकत की। बड़े पैमाने पर बुनियादी सैन्य ढांचे को निशाना बनाने के कई असफल प्रयास किए गए। पाकिस्तान ने जब नियंत्रण रेखा पर फिर से उल्लंघन किया तो भारत ने आर्टिलरी फायरिंग से मुंहतोड़ जवाब दिया।

