10 मई की शाम को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प का बयान सामने आया। उन्होंने कहा,

मुझे ये बताते हुए खुशी हो रही है कि अमेरिका की तरफ से पूरी रात की बातचीत के बाद भारत और पाकिस्तान तत्काल पूरी तरह से सीजफायर के लिए तैयार हो गए हैं।

इसके बाद भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर और पाकिस्तान के विदेश मंत्री इशाक डार ने भी अपनी X पोस्ट पर इसकी पुष्टि की।

भारत-पाकिस्तान के बीच सीजफायर के ऐलान के बाद शनिवार शाम को रक्षा मंत्रालय ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की। इसमें आर्मी से कर्नल सोफिया कुरैशी, एयरफोर्स से विंग कमांडर व्योमिका सिंह और नेवी से कमोडोर रघु आर नायर मौजूद थे। रक्षा मंत्रालय की ब्रीफिंग कुल 9 मिनट चली। इसमें कर्नल सोफिया ने पाकिस्तान की तरफ से गलत सूचनाएं फैलाने की जानकारी दी। वहीं कमोडोर नायर ने कहा कि भारत की सेनाएं पूरी तरह सतर्क और तैयार हैं। अगर फिर हमला हुआ, तो हम मुंहतोड़ जवाब देंगे।
ट्रंप के बयान के 30 मिनट बाद विदेश सचिव विक्रम मिसरी शाम 6 बजे प्रेस ब्रीफ के लिए आए। 42 सेकेंड में अपनी बात खत्म की और चले गए। उन्होंने कहा- पाकिस्तान के DGMO ने शनिवार दोपहर 3:35 बजे भारतीय DGMO को फोन किया। सहमति बनी कि दोनों पक्ष शनिवार दोपहर 5 बजे से जमीन, हवा और समुद्र में सभी तरह की गोलीबारी और सैन्य कार्रवाई बंद कर देंगे। इस सहमति को लागू करने के लिए दोनों पक्षों को निर्देश दिए गए हैं। वे 12 मई को दोपहर 12 बजे फिर से बात करेंगे। देखिये विडियो:
जानकारों का कहना है कि भारत का इरादा आतंकी हमले का कड़ा जवाब देना था, न कि जंग छेड़ना। 7 मई को पाकिस्तान और PoK के 9 आतंकी ठिकानों पर हमले के बाद अगली सुबह भारत ने साफ कहा था कि उसने भारत में आतंकी हमलों के जिम्मेदार आतंकी संगठनों के कैंपों पर हमला किया है। इसमें कई बड़े आतंकी कमांडर्स सहित करीब 100 आतंकियों की मौत हुई। उसकी कार्रवाई नॉन-एस्केलेटरी (संघर्ष को बढ़ावा न देने वाली) है। भारत ने पाकिस्तान के सैन्य ठिकानों को भी निशाना नहीं बनाया था। वहीँ विदेश मंत्री एस जयशंकर ने सीजफायर की घोषणा करते हुए ये भी कहा कि भारत ने आतंकवाद के खिलाफ हमेशा बिना किसी समझौते के अपना रुख सख्त रखा है, वह आगे भी यही रुख रखेगा।
- पाकिस्तान सरकार की जून 2024 की रिपोर्ट के मुताबिक, इस समय देश पर कुल 256 बिलियन डॉलर यानी करीब 21.6 लाख करोड़ रुपए का सार्वजनिक कर्ज है। ये पाकिस्तान की कुल GDP का 67% है। हाल ही में पाकिस्तान ने IMF से 20 हजार करोड़ रुपए का कर्ज लिया है।
- ग्लोबल फायर पावर इंडेक्स की रिपोर्ट के मुताबिक 145 देशों की लिस्ट में अमेरिका, रूस और चीन के बाद भारत चौथे नंबर पर है, जबकि पाकिस्तान 12वें नंबर पर है। यानी भारत के पास दुनिया की चौथी सबसे ताकतवर सेना है, जबकि पाकिस्तान 8 नंबर पीछे है।
- पाकिस्तान पर अमेरिका, सऊदी अरब और यूके समेत कई देशों का दबाव था कि वह तनाव कम करे। इसके अलावा पाकिस्तान के सबसे बड़े समर्थक देश चीन और रूस ने भी भारत के हक में बात की और पाकिस्तान से युद्ध न करने की अपील की। इस तरह पाकिस्तान पर हर तरह से दबाव बन गया। न तो पाकिस्तान के हथियारों ने साथ दिया, न ही जेब ने और न ही अन्य देशों ने।
- भारत-पाकिस्तान के बीच हुई जंग और टकराव अक्सर विदेशी मध्यस्थता से ही रुके हैं।