रिपोर्टर: जेड ए खान
अलीगढ़ (Aligarh) के थाना अकराबाद (Akarabad) क्षेत्र में नेशनल हाईवे (National Highway) पर अवैध रूप से चल रहे डग्गामार वाहनों की समस्या एक बार फिर बड़ा खतरा बनकर सामने आई। अवैध सवारियां भरने से रोकने पर बस यूनियन कर्मचारी की पिटाई के दौरान मौत हो जाने से पूरे क्षेत्र में तनाव फैल गया। मुख्यमंत्री के आदेशों के बावजूद अकराबाद क्षेत्र में डग्गामार वाहनों के अवैध अड्डे खुलेआम संचालित हो रहे हैं, जिन्हें रोकने में जिम्मेदार विभाग अब तक असफल दिख रहे हैं।
घटना का विवाद बढ़ा:
शनिवार दोपहर गांव पनेठी (Panethi) के पास नेशनल हाईवे पर बस यूनियन कर्मचारी और एक ई-रिक्शा चालक के बीच सवारियां भरने को लेकर विवाद हो गया। बस यूनियन कर्मचारी ने ई-रिक्शा चालक को अवैध रूप से सवारियां ले जाने से मना किया, जिसके बाद ई-रिक्शा चालक ने फोन कर अपने साथियों को बुला लिया।
कर्मचारी पर हमला और गंभीर चोटें:
कुछ ही देर में मौके पर पहुंचे हमलावरों ने बस यूनियन कर्मचारी श्रीनिवास (Srinivas) पुत्र ठाकुर दलवीर सिंह पर हमला कर दिया। पिटाई के दौरान श्रीनिवास गंभीर रूप से घायल हो गए। पुलिस के पहुंचने से पहले ही हमलावर वहां से फरार हो गए।
अस्पताल में मौत की पुष्टि:
घायल श्रीनिवास को पुलिस तत्काल मेडिकल कॉलेज (Medical College) लेकर पहुंची, जहां डॉक्टरों ने 50 वर्षीय श्रीनिवास को मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की जांच तेज कर दी है।
प्रशासनिक लापरवाही पर सवाल:
मामले को लेकर बस यूनियन अध्यक्ष ठाकुर गिर्राज सिंह ने बड़ा आरोप लगाया। उनका कहना है कि अवैध डग्गामार वाहनों की शिकायतें लगातार आईटीओ (ITO) को दी गईं, लेकिन किसी भी स्तर पर कार्रवाई नहीं की गई। इसी लापरवाही के कारण डग्गामार वाहन चालकों का मनोबल बढ़ा और खुलेआम मारपीट तक की घटनाएं होने लगीं।
सीसीटीवी और स्थानीय वीडियो वायरल:
बस यूनियन कर्मचारी पर हुए हमले की वारदात सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई। साथ ही घटनास्थल पर मौजूद लोगों ने इसका लाइव वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। वायरल वीडियो सामने आने के बाद भी उसी स्थान पर डग्गामार वाहन खुलेआम सवारियां भरते दिखाई दे रहे हैं।
सात थानों की पुलिस मौके पर पहुंची:
घटना की सूचना मिलते ही डीएसपी बरला (Barla) और डीएसपी छर्रा (Chharra) सहित सात थानों की पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस हमलावरों की तलाश में जुटी है और क्षेत्र में गश्त बढ़ा दी गई है।
संरक्षण पर उठ रहे सवाल:
स्थानीय लोगों और यूनियन सदस्यों का कहना है कि अकराबाद क्षेत्र में डग्गामार वाहन किसके संरक्षण में चल रहे हैं, इसका जवाब प्रशासन को देना होगा। मुख्यमंत्री के आदेशों के बावजूद अवैध वाहनों पर नियंत्रण न होना कई सवाल खड़े करता है।
#illegal #assault #akkarabad #daggamar #crime #uttarpradesh
Disclaimer:
यह खबर स्थानीय संवादाता/मीडिया प्लेटफार्म या अन्य द्वारा प्राप्त की गई सूचना पर आधारित है। यदि कोई आपत्ति है या खबर से संबंधित कोई सूचना देने या अपना पक्ष रखने के लिए हमें ईमेल करें: apnabharattimes@gmail.com।