लखनऊ: फेंसिडिल कफ सिरप की तस्करी करने वाले दो गिरफ्तार


लखनऊ (Lucknow) में स्पेशल टास्क फोर्स (STF) को एक बड़ी कार्रवाई में सफलता मिली है, जहां फेंसिडिल कफ सिरप (Phensedyl Cough Syrup) और कोडीन युक्त प्रतिबंधित दवाओं के अवैध व्यापार से जुड़े दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। आरोप है कि ये दोनों अभियुक्त लंबे समय से इन दवाओं का अवैध भंडारण कर नशे के रूप में प्रयोग कराने वाले नेटवर्क से जुड़े थे। कार्रवाई के दौरान दोनों के पास से कई महत्वपूर्ण दस्तावेज बरामद किए गए, जिन्हें एसटीएफ ने जांच के लिए कब्जे में ले लिया है।

अभियुक्तों की गिरफ्तारी और बरामदगी:
एसटीएफ की टीम ने अहम इनपुट के आधार पर अभिषेक शर्मा और शुभम शर्मा को आलमबाग (Alambagh) के मवैया रोड स्थित टेडी पुलिया तिराहे के पास से गिरफ्तार किया। दोनों किसी कार्य से लखनऊ आए हुए थे। अधिकारियों के मुताबिक अभिषेक शर्मा दिल्ली स्थित एबॉट कंपनी (Abbott Company) के सुपर डिस्ट्रीब्यूटर के रूप में कार्यरत था और लंबे समय से इस मामले में वांछित भी चल रहा था। तलाशी के दौरान इनके पास से अवैध गतिविधियों से संबंधित कई महत्वपूर्ण दस्तावेज मिले हैं, जो नेटवर्क की पड़ताल में अहम भूमिका निभा सकते हैं।

पूछताछ में हुए चौंकाने वाले खुलासे:
अभिषेक शर्मा ने पूछताछ में बताया कि वर्ष 2019 से वह जी.आर. ट्रेडिंग (G.R. Trading) नामक दवा फर्म में कार्यरत था। इस फर्म का संचालन विशाल सिंह और विभोर राणा करते थे। प्रारंभिक दिनों में वह फर्म में लोडिंग और अनलोडिंग कार्य के साथ-साथ उससे संबंधित रिकॉर्ड संभालने का काम करता था। बाद में उसे पता चला कि फर्म में एबॉट कंपनी की सामान्य दवाओं के साथ-साथ बड़ी मात्रा में फेंसिडिल कफ सिरप भी मंगाई जाती थी।

फर्जी फर्मों के माध्यम से खरीद-बिक्री का खेल:
अभियुक्त के अनुसार, विभोर राणा और विशाल सिंह फर्जी दवा फर्मों के नाम पर कागजों में खरीद-बिक्री दिखाकर इन प्रतिबंधित कफ सिरप को नशे का कारोबार करने वालों को सप्लाई करते थे। यह नेटवर्क बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल के रास्ते इस दवा को बांग्लादेश तक पहुंचाता था। कोडीन युक्त कफ सिरप का अवैध उपयोग नशे के रूप में बड़े पैमाने पर किया जाता है, जिसके चलते इन राज्यों में इसकी भारी डिमांड रहती है।

STF की जांच तेज:
गिरफ्तारी के बाद एसटीएफ आरोपियों द्वारा बताए गए तथ्यों की जांच में जुट गई है। अधिकारियों का कहना है कि बरामद दस्तावेजों और आरोपियों के बयान के आधार पर नेटवर्क में शामिल अन्य लोगों की भूमिका भी स्पष्ट होगी। कई और फर्जी फर्मों और सप्लायरों तक पहुंचने के लिए टीम लगातार प्रयास कर रही है। यह जांच न केवल नशे के कारोबार को रोकने बल्कि प्रतिबंधित दवाइयों की अवैध सप्लाई चेन को तोड़ने के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

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