हमीरपुर जनपद ने वित्तीय वर्ष 2025-26 के मार्च माह में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए मुख्यमंत्री डैशबोर्ड (Chief Minister Dashboard) की रैंकिंग में पहला स्थान हासिल किया है। राजस्व और विकास के संयुक्त इंडेक्स में जिले ने 95.50 प्रतिशत अंक प्राप्त कर नया कीर्तिमान स्थापित किया है। यह उपलब्धि इसलिए भी खास मानी जा रही है क्योंकि वर्ष 2024-25 में भी मार्च माह की रैंकिंग में हमीरपुर शीर्ष पर रहा था, जिससे जिले की निरंतर बेहतर कार्यप्रणाली सामने आई है।
राजस्व और विकास में शानदार प्रदर्शन:
जिले के प्रदर्शन का सबसे अहम पहलू राजस्व संग्रह और विकास योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन रहा। आंकड़ों के अनुसार, खनिज राजस्व वसूली में भी हमीरपुर ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए अन्य जनपदों को पीछे छोड़ा। सीमित संसाधनों के बावजूद जिले ने जिस तरह से योजनाओं को जमीन पर उतारा, वह प्रशासनिक दक्षता और बेहतर प्रबंधन का संकेत देता है।
डीएम घनश्याम मीना (Ghanshyam Meena) का बयान:
जिलाधिकारी घनश्याम मीना (Ghanshyam Meena) ने बताया कि मुख्यमंत्री की प्राथमिकता वाली योजनाओं को गंभीरता से लागू किया गया। उन्होंने कहा कि डेटा की शुद्धता और समयबद्धता को ध्यान में रखते हुए लगभग सभी योजनाओं में ए ग्रेड हासिल किया गया है। तकनीकी मॉनिटरिंग और टीमवर्क के दम पर जिले ने प्रदेश के 75 जनपदों को पीछे छोड़ते हुए पहला स्थान प्राप्त किया।
योजनाओं में मिला ए ग्रेड:
जिले में विभिन्न सरकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के चलते बेहतर अंक प्राप्त हुए। प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण (Pradhan Mantri Awas Yojana Gramin), मुख्यमंत्री आवास योजना (Mukhyamantri Awas Yojana), मनरेगा (MGNREGA), जल जीवन मिशन (Jal Jeevan Mission), स्वच्छ भारत मिशन (Swachh Bharat Mission), किसान सम्मान निधि (PM Kisan Samman Nidhi), फसल बीमा योजना (Crop Insurance Scheme), छात्रवृत्ति (Scholarship) और पेंशन योजनाओं में शत-प्रतिशत प्रदर्शन दर्ज किया गया। इसके अलावा आय, जाति और निवास प्रमाण पत्र, ई-खसरा, पीएम स्वनिधि (PM SVANidhi) और शहरी आवास योजना (Urban Housing Scheme) जैसी सेवाओं में भी ए ग्रेड प्राप्त हुआ।
खनिज राजस्व में भी अव्वल रहा जिला:
खनिज राजस्व के क्षेत्र में भी हमीरपुर ने उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की। मार्च माह में 65 करोड़ के लक्ष्य के मुकाबले 162.85 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त किया गया। वहीं वार्षिक लक्ष्य 532 करोड़ रुपये था, जिसमें से 502.23 करोड़ रुपये की वसूली की गई। यह प्रदर्शन जिले की मजबूत वित्तीय प्रबंधन प्रणाली को दर्शाता है।
टीमवर्क और अनुशासन बना सफलता की कुंजी:
जिलाधिकारी ने इस उपलब्धि का श्रेय अधिकारियों और कर्मचारियों की टीमवर्क और अनुशासन को दिया। उन्होंने कहा कि यह सफलता सभी विभागों के सामूहिक प्रयासों का परिणाम है। प्रशासनिक स्तर पर बेहतर समन्वय और तकनीकी निगरानी ने इस उपलब्धि को संभव बनाया है।
आगे भी बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद:
इस उपलब्धि के बाद अब जिले से आगे भी इसी तरह के प्रदर्शन की उम्मीद जताई जा रही है। प्रशासन का लक्ष्य आने वाले महीनों में भी योजनाओं के क्रियान्वयन को और बेहतर बनाना है, ताकि जनता को अधिक से अधिक लाभ मिल सके।
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रिपोर्टर: मोहम्मद अकरम

