रिपोर्टर: हमीरपुर यूपी
उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के हमीरपुर (Hamirpur) जनपद की मौदहा (Maudaha) तहसील के खड़ेही गांव (Khadehi Village) में बुनियादी सुविधाओं की कमी के कारण ग्रामीण गंभीर परेशानियों का सामना कर रहे हैं। गांव में बनी आरसीसी सड़क पर जलभराव और कीचड़ की समस्या इतनी बढ़ गई है कि कई परिवारों को पलायन करने के लिए मजबूर होना पड़ा है। जब एबीटी (ABT) की टीम गांव पहुंची और स्थानीय लोगों से बात की, तो ग्रामीणों ने अपनी समस्याओं को विस्तार से बताते हुए प्रशासन से मदद की मांग की।
ग्रामीणों का कहना है कि गांव की एक आरसीसी सड़क, जो लगभग वर्ष 2023 के आसपास बनाई गई थी, आज पूरी तरह कीचड़ में दब चुकी है। आरोप है कि गांव के कुछ दबंग लोगों ने सड़क के किनारे अवैध तरीके से मिट्टी डालकर पानी निकलने का रास्ता बंद कर दिया, जिसके कारण वर्षों से सड़क पर पानी भर रहा है। धीरे-धीरे यह सड़क कीचड़ से भर गई और अब इस रास्ते से गुजरना बेहद मुश्किल हो गया है।
आरसीसी सड़क पर जलभराव से बढ़ी परेशानी:
ग्रामीणों के अनुसार, सड़क पर लगातार पानी भरे रहने से पूरी सड़क दलदल में बदल गई है। बरसात के मौसम में स्थिति और भी खराब हो जाती है। लोगों का कहना है कि यह रास्ता गांव के कई घरों के सामने से होकर गुजरता है, इसलिए गंदगी और कीचड़ सीधे उनके घरों तक पहुंच जाती है। इससे आसपास का वातावरण भी खराब हो गया है और लोगों को रोजमर्रा के कामों में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
ग्रामीणों ने बताया कि इस कीचड़ भरे रास्ते से गुजरना छोटे बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं के लिए बेहद मुश्किल हो गया है। स्कूल जाने वाले बच्चों को रोजाना इसी रास्ते से होकर गुजरना पड़ता है, जिससे उन्हें काफी परेशानी होती है। कई बार बच्चे फिसलकर गिर भी जाते हैं।
बीमार पड़ रहे बच्चे, गिरकर घायल हो रहे बुजुर्ग:
गांव के लोगों का कहना है कि घरों के सामने जमा गंदगी और कीचड़ के कारण बच्चों के स्वास्थ्य पर भी असर पड़ रहा है। गंदगी और जलभराव से मच्छरों की संख्या बढ़ गई है, जिससे बीमारियों का खतरा बना हुआ है। ग्रामीणों के अनुसार, कई बच्चे पहले ही बीमार पड़ चुके हैं।
इसके अलावा बुजुर्गों के लिए यह रास्ता और भी खतरनाक बन गया है। गांव के लोगों ने बताया कि कई बार बुजुर्ग इस रास्ते को पार करने के दौरान फिसलकर गिर जाते हैं और गंभीर रूप से घायल हो जाते हैं। इसके बावजूद अभी तक इस समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया गया है।
कई बार अधिकारियों से लगाई गुहार:
ग्रामीणों ने बताया कि वे लंबे समय से इस समस्या से जूझ रहे हैं। उन्होंने कई बार संबंधित अधिकारियों से शिकायत भी की, लेकिन अभी तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। ग्रामीणों का कहना है कि कई बार प्रशासन से मदद की उम्मीद में आवेदन दिए गए, लेकिन समस्या जस की तस बनी हुई है।
ग्रामीणों के अनुसार, कुछ समय पहले एक जांच टीम भी गांव पहुंची थी और स्थिति का जायजा लिया था। हालांकि जांच के बाद भी ग्रामीणों को किसी प्रकार की राहत नहीं मिल सकी। लोगों का कहना है कि अगर समय रहते पानी निकासी की व्यवस्था कर दी जाती तो सड़क की यह स्थिति नहीं होती।
पलायन के लिए मजबूर हुए कई परिवार:
लगातार बनी इस समस्या और प्रशासनिक उदासीनता के कारण गांव के कई परिवार अब पलायन करने को मजबूर हो गए हैं। ग्रामीणों के अनुसार, लगभग आधा दर्जन से अधिक परिवार गांव छोड़कर अन्य स्थानों की ओर जा चुके हैं। उनका कहना है कि जब बुनियादी सुविधाएं ही उपलब्ध नहीं होंगी, तो गांव में रहना मुश्किल हो जाएगा।
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि सड़क पर जमा कीचड़ और पानी की समस्या का जल्द समाधान किया जाए तथा पानी निकासी की उचित व्यवस्था की जाए, ताकि गांव के लोगों को राहत मिल सके और उन्हें अपने घर छोड़कर जाने के लिए मजबूर न होना पड़े।
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