गाजीपुर | कोरोना संक्रमण फैलते प्रकोप को देखते हुए केंद्र सरकार की तरफ से पुरे देश को 3 मई तक लॉक डाउन किया गया है, ऐसे में सभी राज्यों ने भी अपने यहाँ लॉक डाउन का पालन किया है. ऐसे में परिस्थितियों को देखते हुए राज्यों ने अपने यहाँ कुछ क्षेत्रों में आव्यश्यक सामानों कि डिलेवरी की छूट दी है, लेकिन इसके लिए नियम बनाये गये हैं.
इसी क्रम में उत्तर प्रदेश के जनपद गाजीपुर में खाद्य सामग्री, मेडिकल, बैंक जैसी सेवाओं में छूट दी गई है. ताजा मामला गाजीपुर के शहर स्थित महुआबाग क्षेत्र का जहाँ आदर्श अन्तर कॉलेज के पास एक मैजिक गाड़ी में किताबें व स्टेशनरी से सम्बंधित सामान लोड था, ये गाड़ी शंकर पुस्तक मंदिर आदर्श इण्टर कॉलेज (काम्प्लेक्स) महुआबाग के सामने खड़ी थीं, जहाँ गाड़ी से किताबें इत्यादि उतारा जा रहा था. चूँकि गाजीपुर में इसकी अनुमति नहीं है, इसीलिए जब ड्राईवर से अनुमति के बारे में जानकारी ली गई तो, उसके पास जो कागजात थे वो आजमगढ़ जनपद के थे, जिसका सम्बन्ध में गाजीपुर से नहीं था.

जब इसकी जानकारी स्थानीय चौकी को दी गई तो उन्होंने वहां चिता पुलिस को भेजा, लेकिन तब तक ड्राईवर गाड़ी को लेकर गायब हो गया.
सबसे बड़ा सवाल है कि ये गाड़ी आजमगढ़ से गाजीपुर कैसे आ गई, इतनी बड़ी लापरवाही कैसे हुई ? इस तरह के गैर क़ानूनी काम पर प्रसाशन क्यों चुप है?

