रिपोर्ट: जुम्मन कुरैशी
कासगंज । जनपद के गंजडुंडवारा नगर में मंगलवार को गुरुद्वारा परिसर में सिख समुदाय के नौवें गुरु तेग बहादुर साहिब की 350वीं पुण्यतिथि पर विशेष गुरमत समागम कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस मौके पर तख्त श्री पटना साहिब से आए जत्थेदार ज्ञानी रंजीत सिंह गौहर ने अपनी उपस्थिति से आयोजन को विशेष बनाया।
श्रद्धा और स्वागत का अनोखा संगम
समागम में पहुंचे जत्थेदार का संगत ने गर्मजोशी से स्वागत किया। फूलमालाओं से सुसज्जित कर उन्हें सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का माहौल श्रद्धा और उत्साह से भरा रहा, जहां हर कोई गुरु तेग बहादुर साहिब की शहादत को याद कर भावुक दिखाई दिया।

शहादत का इतिहास साझा
कार्यक्रम के दौरान जत्थेदार ने गुरु तेग बहादुर साहिब के बलिदान की गाथा को विस्तार से प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया कि किस प्रकार धर्म और सत्य की रक्षा के लिए गुरु तेग बहादुर साहिब ने अपना सर्वोच्च बलिदान दिया। इस कथा को सुनकर संगत भावविभोर हो उठी और वातावरण में आध्यात्मिक ऊर्जा फैल गई।
गुरबाणी कीर्तन और वाहेगुरु का जाप
रागी जत्थों ने गुरबाणी कीर्तन प्रस्तुत किया, वहीं संगत ने वाहेगुरु नाम का सामूहिक जाप कर वातावरण को और भी पावन बना दिया। कीर्तन के सुर और वाहेगुरु के नाम का उच्चारण पूरे गुरुद्वारा परिसर में गूंजता रहा, जिससे श्रद्धालु गहरे आध्यात्मिक अनुभव से भर उठे।
अटूट लंगर की व्यवस्था
गुरुद्वारा प्रबंधक समिति की ओर से संगत के लिए अटूट लंगर की व्यवस्था की गई। लंगर में सभी ने एक साथ बैठकर प्रसाद ग्रहण किया, जिसने समानता और भाईचारे की परंपरा को और मजबूत किया।

संगत की विशेष उपस्थिति
इस अवसर पर मुख्य सेवादार रविंद्र सिंह के साथ सरदार संतोष सिंह, घरेंद्र सिंह, सतनाम सिंह, नरेंद्र सिंह, जगजीत सिंह, महेंद्र सिंह, मनजीत सिंह और सूखचैन सिंह सहित बड़ी संख्या में संगत मौजूद रही। सभी ने श्रद्धा और सेवा भाव से कार्यक्रम को सफल बनाने में योगदान दिया।

