गाजीपुर: मांझी घाट तक जल्द पूरा होगा ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे

रिपोर्टर: हसीन अंसारी

गाजीपुर में बन रहा ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस वे जल्द ही पूरा होने की ओर है। यह एक्सप्रेस वे गाजीपुर के हृदयपुर से बिहार के सारण जिले के मांझीघाट तक बनाया जा रहा है। चार लेन का यह ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस वे पूर्वांचल की सड़क कनेक्टिविटी को मजबूती देगा और क्षेत्र को तेज रफ्तार यातायात से जोड़ेगा। एनएचएआई (NHAI) के अधिकारियों ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के माध्यम से यह जानकारी दी है कि निर्माण कार्य तय समयसीमा के भीतर पूरा करने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।

A man pointing at a detailed road map during a presentation, with vehicles parked in the background and another person holding a camera.

यह परियोजना गाजीपुर, बलिया, बक्सर और सारण जैसे जिलों को पूर्वांचल एक्सप्रेस वे से सीधे जोड़ेगी। इसके पूरा होने के बाद न सिर्फ आवागमन सुगम होगा, बल्कि व्यापार, उद्योग और रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे।

ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस वे की लंबाई और लागत:
एनएचएआई (NHAI) द्वारा तैयार किया जा रहा यह ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस वे कुल 134.39 किलोमीटर लंबा है। इस परियोजना पर लगभग 5300 करोड़ रुपये की लागत आ रही है। अधिकारियों के अनुसार, यह एक्सप्रेस वे आधुनिक मानकों के अनुरूप तैयार किया जा रहा है, जिससे भविष्य की जरूरतों को भी ध्यान में रखा गया है। सड़क की चौड़ाई और डिजाइन इस तरह की गई है कि भारी और तेज गति वाले वाहनों का संचालन सुरक्षित रूप से हो सके।

हृदयपुर से मांझीघाट तक सीधा मार्ग:
ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस वे की शुरुआत गाजीपुर के हृदयपुर क्षेत्र से होगी और यह बिहार के सारण जिले के मांझीघाट तक पहुंचेगा। इस मार्ग के जरिए उत्तर प्रदेश और बिहार के बीच सड़क संपर्क पहले से कहीं अधिक आसान हो जाएगा। खास तौर पर गाजीपुर, बलिया और बक्सर जैसे जिलों के लोगों को इससे सीधा लाभ मिलेगा।

पूर्वांचल एक्सप्रेस वे से मजबूत कनेक्टिविटी:
यह ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस वे सीधे पूर्वांचल एक्सप्रेस वे से जुड़ेगा। इसके चलते पूर्वांचल क्षेत्र की कनेक्टिविटी और अधिक मजबूत होगी। लंबी दूरी की यात्रा में समय की बचत होगी और ईंधन खर्च भी कम होगा। परिवहन व्यवस्था के बेहतर होने से क्षेत्र में आर्थिक गतिविधियों को भी गति मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।

आधुनिक डिजाइन और सुरक्षा इंतजाम:
ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस वे को 60 मीटर राइट ऑफ वे के साथ डिजाइन किया गया है। इस पर दो आरओबी बनाए जाएंगे, जिससे रेलवे क्रॉसिंग पर ट्रैफिक बाधित न हो। सड़क को 100 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार के अनुरूप तैयार किया गया है। इससे वाहनों को सुरक्षित और सुचारू रूप से चलने में सुविधा मिलेगी।

एडवांस्ड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम:
इस एक्सप्रेस वे पर एडवांस्ड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम लगाया जाएगा। इसके तहत सीसीटीवी कैमरे, दुर्घटना पहचान प्रणाली, वैरिएबल मैसेज साइन और इलेक्ट्रॉनिक टोल कलेक्शन की व्यवस्था की जाएगी। इन तकनीकों के जरिए यातायात की निगरानी आसान होगी और किसी भी आपात स्थिति में त्वरित कार्रवाई संभव हो सकेगी।

निर्माण कार्य की समयसीमा:
एनएचएआई (NHAI) के अधिकारियों ने उम्मीद जताई है कि ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस वे का निर्माण कार्य जून 2026 तक पूरा कर लिया जाएगा। निर्माण कार्य को तय समय पर पूरा करने के लिए लगातार निगरानी की जा रही है और सभी एजेंसियां समन्वय के साथ काम कर रही हैं।

व्यापार, उद्योग और रोजगार को मिलेगा बढ़ावा:
ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस वे के शुरू होने से पूर्वांचल क्षेत्र में व्यापार और उद्योग को नई रफ्तार मिलने की संभावना है। बेहतर सड़क संपर्क से माल ढुलाई आसान होगी, जिससे स्थानीय कारोबार को लाभ पहुंचेगा। इसके साथ ही, निर्माण और बाद के संचालन चरण में रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे। क्षेत्र के समग्र विकास में यह परियोजना अहम भूमिका निभाएगी।

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