रेनू देवी बनी ‘लखपति दीदी’, गाँव की महिलाओं के लिए प्रेरणा

लखनऊ। ग्राम धर्मपुर, ब्लॉक रुद्रपुर, जिला देवरिया की रेनू देवी ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मिशन शक्ति अभियान के तहत नारी सुरक्षा, सम्मान और आत्मनिर्भरता की एक मिसाल पेश की है। एक सामान्य गृहिणी से ‘लखपति दीदी’ बनने तक का उनका सफर उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन और बाबा गोरखनाथ कृपा मिल्क प्रोड्यूसर संस्था (MPP) के सहयोग से संभव हुआ। आज रेनू न केवल अपनी आर्थिक स्वतंत्रता हासिल कर रही हैं, बल्कि अपने गाँव की 69 महिलाओं को भी प्रेरित कर रही हैं, जो मिशन शक्ति के तहत महिला सशक्तीकरण की नई कहानी लिख रही हैं।

मिशन शक्ति ने खोले नए अवसर

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की पहल ने ग्रामीण महिलाओं को सुरक्षा, सम्मान और आत्मनिर्भर बनने का अवसर दिया है। रेनू देवी का यह सफर तब शुरू हुआ जब वे चमेली स्वयं सहायता समूह से जुड़ीं। यहाँ उन्होंने सामूहिकता, बचत और साझा प्रयास का पहला सबक सीखा। हालांकि, समूह से होने वाली आय परिवार की आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए पर्याप्त नहीं थी।

मिल्क प्रोड्यूसर संस्था ने दिया सहारा

इसी दौरान बाबा गोरखनाथ कृपा मिल्क प्रोड्यूसर संस्था (MPP) का दूध संकलन केंद्र स्थापित हुआ। संस्था की बैठकों में रेनू ने जाना कि दूध की गुणवत्ता के अनुसार उचित मूल्य मिलेगा, संग्रह व्यवस्थित होगा और भुगतान सीधे बैंक खाते में होगा। रेनू कहती हैं, “मैंने सोचा, यह मेरे लिए सम्मानजनक आजीविका और बचत का जरिया हो सकता है।”

छोटे कदम से बड़ी सफलता

संस्था से जुड़ने से पहले रेनू के पास केवल 2 गायें थीं, जो प्रतिदिन 4 लीटर दूध देती थीं और यह घरेलू उपयोग में चला जाता था। 7 दिसंबर 2023 को सदस्य बनने के बाद उन्हें गुणवत्ता प्रशिक्षण और तकनीकी सहयोग मिला। इस मदद से उन्होंने 3 और गायें खरीदीं। अब उनके पास 5 गायें हैं, जो प्रतिदिन 25 लीटर दूध देती हैं। यह दूध वे सीधे दूध संकलन केंद्र (MPP) पर जमा करती हैं।

आत्मनिर्भरता की दिशा में

रेनू की मेहनत रंग लाई और अब उनकी सालाना आमदनी 4.50 लाख रुपये से अधिक हो गई है। औसत मासिक आय 44 हजार रुपये से ऊपर है, जो सीधे उनके बैंक खाते में आती है और नियमित बचत में बदलती है। रेनू बताती हैं कि मिशन शक्ति और संस्था की मदद ने उन्हें आत्मविश्वास दिया। अब वे न केवल अपने परिवार की भलाई कर रही हैं, बल्कि गाँव की अन्य महिलाओं को भी आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित कर रही हैं।

गाँव की महिलाओं के लिए रोल मॉडल

आज तक रेनू के मार्गदर्शन में 69 महिलाएं संस्था से जुड़ चुकी हैं और आत्मनिर्भर बनने की दिशा में कदम बढ़ा रही हैं। रेनू कहती हैं, “मैं सिर्फ अपनी नहीं, बल्कि गाँव की महिलाओं की प्रेरणा बनना चाहती हूं।” उनका यह सफर मिशन शक्ति की महिलाओं के लिए सशक्तिकरण की नई कहानी का प्रतीक बन गया है।

सरकार की योजनाओं ने बदली जिंदगी

मिशन शक्ति के तहत महिला बीट पुलिस अधिकारियों और प्रशिक्षण कार्यक्रमों ने ग्रामीण महिलाओं को सुरक्षा का आश्वासन दिया, जबकि उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन ने आर्थिक स्वतंत्रता प्रदान की। रेनू की मेहनत और सरकार के सहयोग ने उन्हें ‘लखपति दीदी’ बना दिया, जो आज गाँव की अन्य महिलाओं के लिए रोल मॉडल हैं। उनकी कहानी इस बात का प्रमाण है कि सही अवसर और प्रशिक्षण से कोई भी महिला अपनी जिंदगी में बड़ा बदलाव ला सकती है।


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