रोज़गार महाकुंभ के सफल आयोजन के उपरान्त उत्तर प्रदेश सरकार अब युवाओं के लिए उपयुक्त रोज़गार सुनिश्चित करने की दिशा में मिशन मोड में काम कर रही है। श्रम एवं सेवायोजन मंत्री श्री अनिल राजभर ने इस क्रम में भुवनेश्वर स्थित विश्व कौशल केंद्र (World Skill Centre) का दौरा किया। यह भारत का पहला और अनूठा प्रमुख कौशल संस्थान है, जो युवाओं को वैश्विक स्तर पर रोजगार योग्य बनाने के लिए उन्नत प्रशिक्षण प्रदान करता है। मंत्री जी ने भवन निर्माण से संबंधित प्रयोगशालाओं, आतिथ्य प्रबंधन और अन्य आधुनिक कौशल प्रयोगशालाओं का निरीक्षण किया और इनसे प्रभावित होकर उत्तर प्रदेश में भी इसी प्रकार की सुविधाएं स्थापित करने की इच्छा व्यक्त की।
औद्योगिक साझेदारी से प्रशिक्षण
भ्रमण के दौरान टीम ने स्किल डेवलपमेंट इंस्टीट्यूट (SDI), भुवनेश्वर का भी दौरा किया। यह भारत सरकार और तेल-गैस कंपनियों के सहयोग से बना देश का पहला एसडीआई है, जिसे CSR फंड से स्थापित किया गया है। यहां इंडस्ट्री लीडर्स जैसे सीमेंस, श्नाइडर, टाटा स्ट्राइव, सिस्को और LIXIL के सहयोग से युवाओं को औद्योगिक वेल्डिंग, स्मार्ट मैन्युफैक्चरिंग, ऊर्जा प्रबंधन, आतिथ्य सेवाएं और जल प्रबंधन जैसे क्षेत्रों में कौशल प्रशिक्षण दिया जाता है। उत्तर प्रदेश सरकार ने यहां प्रशिक्षण के लिए युवाओं को भेजने और एक समझौता ज्ञापन (MoU) करने की संभावनाएं तलाशी हैं।
तकनीकी प्रशिक्षण से रोजगार क्षमता में वृद्धि
भ्रमण का तीसरा चरण केंद्रीय औजार कक्ष एवं प्रशिक्षण केंद्र (CTTC) का रहा। यह संस्थान सीएनसी प्रोग्रामिंग, टूल डिजाइन, मशीनिंग, औद्योगिक स्वचालन और आईटी से जुड़े अनेक प्रशिक्षण कार्यक्रम चलाता है। मंत्री जी ने सीटीटीसी के कामकाज की सराहना करते हुए कहा कि यदि उत्तर प्रदेश सरकार और सीटीटीसी के बीच समझौता होता है तो चयनित युवाओं को यहां प्रशिक्षण का अवसर मिलेगा, जिससे उनकी रोजगार क्षमता और प्रतिस्पर्धात्मक योग्यता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी।
उत्तर प्रदेश में नए अवसरों की तैयारी
इस पूरे दौरे में प्रमुख सचिव डॉ. एम.के. शन्मुगा सुन्दरम् और अपर निदेशक श्री प्रमोद कुमार पुंडीर सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे। मंत्री जी ने स्पष्ट किया कि प्रदेश सरकार युवाओं के कौशल अंतर को पाटने और उन्हें रोजगार योग्य बनाने के लिए राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर की संस्थाओं के साथ साझेदारी करेगी। रोज़गार महाकुंभ की सफलता के बाद अब प्रदेश में कौशल विकास के नए आयाम खुलने वाले हैं, जिससे न केवल रोजगार के अवसर बढ़ेंगे बल्कि प्रदेश के आर्थिक विकास को भी नई गति मिलेगी।

