Lucknow । उत्तर प्रदेश में गरीबी उन्मूलन की दिशा में योगी सरकार का ‘जीरो पावर्टी अभियान’ नई मिसाल कायम कर रहा है। महज दस माह के भीतर प्रदेश के 13,32,634 निर्धनतम परिवारों की पहचान कर उन्हें गरीबी से मुक्त करने का काम शुरू किया गया है। इनमें से 3,72,000 परिवारों को योजनाओं का सीधा लाभ भी दिया जा चुका है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस अभियान का संकल्प 15 अगस्त 2024 को स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर लिया था और 2 अक्टूबर को इसकी औपचारिक घोषणा हुई थी। सरकार का लक्ष्य है कि वर्ष 2027 तक उत्तर प्रदेश को गरीबी-मुक्त बनाया जाए।
अभियान के तहत हर ग्राम पंचायत से 25 निर्धनतम परिवारों को चिन्हित कर बहुआयामी सहायता प्रदान की जा रही है। इसमें रोजगार, आजीविका, आवास, स्वास्थ्य और शिक्षा जैसी मूलभूत जरूरतों को पूरा करने पर फोकस है। सबसे अधिक निर्धन परिवारों की पहचान आज़मगढ़ (42,082) में हुई, जबकि जौनपुर (39,374) और सीतापुर (36,571) क्रमशः दूसरे और तीसरे स्थान पर रहे। हरदोई (30,050) और प्रयागराज (28,935) भी शीर्ष जिलों में शामिल हैं।
इस अभियान के माध्यम से गरीब परिवारों को प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री आवास योजना, जल जीवन मिशन, उज्ज्वला योजना, आयुष्मान भारत, रोजगार गारंटी, शिक्षा, महिलाओं के लिए स्वयं सहायता समूह और आजीविका योजनाओं से जोड़ने का कार्य तेजी से हो रहा है। डेटा-आधारित ट्रैकिंग, नियमित निगरानी और पंचायत स्तर तक की पारदर्शी व्यवस्था के जरिए सुनिश्चित किया जा रहा है कि चिन्हित प्रत्येक परिवार तक सभी योजनाओं का लाभ पहुंचे।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्पष्ट किया है कि जीरो पावर्टी अभियान केवल आर्थिक सहायता तक सीमित नहीं है, बल्कि गरीब परिवारों के जीवन-स्तर में स्थायी सुधार लाना इसका मुख्य उद्देश्य है। उनका कहना है कि सरकार केवल गरीबी कम करने नहीं, बल्कि उसे पूरी तरह समाप्त करने के लिए प्रतिबद्ध है।
महज दस महीनों में हुई उल्लेखनीय प्रगति इस बात का संकेत है कि योगी सरकार ने गरीब कल्याण को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। पंचायतों, स्वयंसेवी संगठनों और सरकारी विभागों के तालमेल से गरीब परिवारों को योजनाओं का लाभ तेज़ी से पहुंच रहा है। यदि अभियान इसी गति से चलता रहा, तो उत्तर प्रदेश को 2027 तक गरीब-मुक्त बनाने का लक्ष्य हकीकत बन सकता है।
योगी सरकार का ‘जीरो पावर्टी अभियान’ बना नई मिसाल, 13 लाख से अधिक निर्धन परिवारों को मिला संबल