रिपोर्ट: सऊद अंसारी
Gorakhpur: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को लखनऊ में आयोजित ‘जनता दर्शन’ कार्यक्रम में लोगों से मुलाकात की। प्रदेश भर से आए फरियादियों की समस्याएं सुनते हुए मुख्यमंत्री ने उन्हें समाधान का भरोसा दिलाया। करीब 50 से अधिक लोग अपनी शिकायतें और परेशानियां लेकर पहुंचे, जहां सीएम योगी ने प्रत्येक की बात गंभीरता से सुनी। रायबरेली से आए एक गंभीर किडनी और हृदय रोगी को तत्काल मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराने का निर्देश देकर मुख्यमंत्री ने जनता को यह भरोसा दिलाया कि इलाज में किसी को आर्थिक दिक्कत नहीं होने दी जाएगी।
किडनी और हृदय के मरीज को मिली तुरंत मदद
जनता दर्शन के दौरान रायबरेली के थाना खीरो के ग्राम बरवलिया निवासी एक युवक अपने पिता को लेकर पहुंचे। उन्होंने मुख्यमंत्री को प्रार्थना पत्र देते हुए बताया कि उनके पिता किडनी, हृदय और यूरिन की गंभीर बीमारी से जूझ रहे हैं। अब तक प्राइवेट अस्पताल में इलाज चल रहा था, लेकिन बढ़ते खर्च की वजह से परिवार पर आर्थिक बोझ बढ़ गया। स्थिति सुनकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने तुरंत मरीज को मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराने का आदेश दिया। साथ ही अस्पताल से इलाज का पूरा एस्टिमेट भी मंगवाने के निर्देश दिए, ताकि सरकार खर्च की जिम्मेदारी अपने हाथ में ले सके।
जरूरतमंदों को सरकार दे रही लगातार सहयोग
कार्यक्रम के दौरान कई लोग आर्थिक मदद की गुहार लेकर मुख्यमंत्री के सामने पहुंचे। इस पर सीएम योगी ने भरोसा दिलाया कि राज्य सरकार विगत आठ वर्षों से निरंतर हर जरूरतमंद को इलाज के लिए आर्थिक सहायता उपलब्ध करा रही है। उन्होंने कहा कि मरीज या उनके परिजन अस्पताल से उपचार का एस्टिमेट बनवाकर भेजें, ताकि सरकार खर्च का वहन कर सके। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा— “इलाज की चिंता मरीज को नहीं करनी है, उसका जिम्मा सरकार उठाएगी।”
बच्चों को दुलारा, चॉकलेट भी दी
‘जनता दर्शन’ में फरियादियों के साथ कई छोटे-छोटे बच्चे भी पहुंचे थे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नन्हे-मुन्नों से आत्मीयता से मुलाकात की। बच्चों के सिर पर हाथ फेरकर उन्हें आशीर्वाद दिया और उनके बीच चॉकलेट-टॉफी भी बांटी। इस व्यवहार ने बच्चों और उनके परिजनों को एक विशेष अपनापन का अहसास कराया।
जनता दर्शन बना संवेदनशील प्रशासन का प्रतीक
सीएम योगी का जनता दर्शन लगातार प्रदेशवासियों के लिए राहत का जरिया बनता जा रहा है। यहां लोगों को न केवल अपनी समस्याएं रखने का अवसर मिलता है, बल्कि मुख्यमंत्री स्वयं हर शिकायत का संज्ञान लेकर संबंधित अधिकारियों को कार्रवाई के निर्देश भी देते हैं। रायबरेली के मरीज को मिली तत्काल मदद इसका एक बड़ा उदाहरण बन गई है, जिससे जनता को भरोसा हो रहा है कि उनकी समस्याओं का समाधान सरकार की प्राथमिकता में है।
