बस्ती/गोरखपुर। नेपाल के रास्ते बिहार में पाकिस्तानी आतंकियों के घुसपैठ की सूचना के बाद सुरक्षा एजेंसियों में हड़कंप मच गया। इस दौरान आम्रपाली एक्सप्रेस ट्रेन में एक संदिग्ध के होने की खबर ने स्थिति को और गंभीर बना दिया। शनिवार की दोपहर करीब ढाई बजे ट्रेन को बस्ती में रोककर जांच शुरू की गई। रेलवे पुलिस बल (आरपीएफ) और जीआरपी ने संयुक्त रूप से बोगियों की तलाशी ली। जिस व्यक्ति पर आतंकी होने का शक था, वह बाद में भारतीय सेना का अग्निवीर निकला।
आरपीएफ इंस्पेक्टर राशिद बेग मिर्जा ने बताया कि संदिग्ध व्यक्ति बिहार के अररिया से ड्यूटी पर जलंधर जा रहा अग्निवीर दीपक कुमार झा था। सेना के कमांडर से संपर्क कर जानकारी सत्यापित की गई, जिसके बाद युवक को दूसरी ट्रेन से रवाना किया गया। अधिकारियों ने राहत की सांस ली।
दरअसल, सुरक्षा एजेंसियों को पाकिस्तान समर्थित आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के तीन आतंकियों के नेपाल के रास्ते बिहार में प्रवेश करने की गुप्त सूचना मिली थी। इसके बाद रेलवे और पुलिस विभाग पूरी तरह से सतर्क हो गया। आम्रपाली एक्सप्रेस में दो आतंकियों के सफर करने की खबर के बाद गोरखपुर से लेकर लखनऊ तक अलर्ट जारी कर दिया गया।
सूत्रों के अनुसार, स्पेशल टीम ने बस्ती के बाद खलीलाबाद में दोनों संदिग्धों के कोच में जाकर गहन तलाशी ली। एक संदिग्ध के प्रति शक गहराने पर उसे हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। जब उसकी पहचान अग्निवीर के रूप में हुई, तब जाकर अधिकारियों को बड़ी राहत मिली।
पूरे घटनाक्रम के दौरान यात्रियों में भी हलचल बनी रही। रेलवे स्टेशन और ट्रेनों पर सुरक्षा बढ़ा दी गई। पुलिस और खुफिया एजेंसियां अब भी सतर्क हैं, क्योंकि आतंकियों की घुसपैठ की सूचना को देखते हुए बिहार और उत्तर प्रदेश के कई जिलों में हाई अलर्ट जारी है।
यह घटना दिखाती है कि आतंकवाद के खतरे को लेकर सुरक्षा एजेंसियां किस स्तर तक सजग हैं। हालांकि संदिग्ध निकला भारतीय सेना का जवान, लेकिन त्वरित कार्रवाई से यह साफ है कि किसी भी चूक की गुंजाइश नहीं छोड़ी जा रही।
आतंकी के शक में खंगाली गई आम्रपाली एक्सप्रेस, अग्निवीर निकला संदिग्ध