Video: गोरखपुर अपहरण कांड: रेलवे स्टेशन के गेट नंबर चार से किशोरी को उठाया था, फुटेज से मिला सुराग

रिपोर्टर: रविन्द्र चौधरी

उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के गोरखपुर (Gorakhpur) में रेलवे स्टेशन से किशोरी के अपहरण के मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। यह मामला रेलवे स्टेशन के गेट नंबर चार से जुड़ा है, जहां से एक किशोरी को उठाकर ले जाने की कोशिश की गई थी। इस घटना में होमगार्ड की सतर्कता और पुलिस की तेजी से की गई कार्रवाई के चलते किशोरी को सुरक्षित बचा लिया गया। मामले के सामने आने के बाद पुलिस ने आसपास के क्षेत्रों में लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज के आधार पर आरोपियों की तलाश शुरू की।

होमगार्ड की सतर्कता से खुला मामला:

बताया जा रहा है कि होमगार्ड विजय प्रताप सिंह (Vijay Pratap Singh) की सतर्कता के कारण इस पूरे मामले का खुलासा हो सका। जैसे ही उन्होंने ई-रिक्शा चालक आकाश मिश्रा (Akash Mishra) को पकड़ा, उसके दो साथी मौके से फरार हो गए। इसके बाद पुलिस तुरंत सक्रिय हो गई और आरोपियों की तलाश शुरू कर दी गई।

सीसीटीवी फुटेज से मिला अहम सुराग:

घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस ने चार टीमें गठित कर दीं। इन टीमों ने कार्मल रोड (Carmel Road) से निकलने वाले करीब 30 से अधिक सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगालने शुरू किए। फुटेज के आधार पर यह पता चला कि फरार हुए दोनों आरोपी पैदल भागे और बाद में उन्होंने ऑटो पकड़ा, जिसके जरिए वे अलग-अलग दिशाओं में चले गए।

चार घंटे में पुलिस ने दबोचे आरोपी:

पुलिस ने लगातार प्रयास करते हुए कुशीनगर (Kushinagar) निवासी अजय जायसवाल (Ajay Jaiswal) को मोहद्दीपुर स्थित आरकेबीके (RKBK) के पास रामगढ़ताल (Ramgarh Tal) किनारे से गिरफ्तार कर लिया, जहां वह छिपा हुआ था। वहीं शाहपुर (Shahpur) के पादरीबाजार निवासी बजरंगी डोम (Bajrangi Dom) अपने घर की ओर भाग गया था, जिसे पुलिस ने उसके घर से गिरफ्तार कर लिया। इस तरह पुलिस ने चार घंटे के भीतर दोनों फरार आरोपियों को पकड़ लिया।

पूछताछ में आरोपी ने दी सीमित जानकारी:

मौके पर पकड़े गए आकाश मिश्रा से पुलिस ने पूछताछ की, लेकिन वह अपने साथियों के बारे में ज्यादा जानकारी देने से लगातार इनकार करता रहा। कैंट थाना पुलिस (Cant Police Station) की पूछताछ में उसने केवल इतना बताया कि दोनों युवक स्टेशन पर उससे मिले थे और वही गेट नंबर चार के पास खड़ी किशोरी को अपने साथ लेकर आए थे।

सदमे में है किशोरी, अस्पताल में भर्ती:

अपहरण की शिकार हुई किशोरी अपनी पहचान के बारे में कुछ भी बताने की स्थिति में नहीं है। वह अपना नाम, पता या परिवार के बारे में कोई जानकारी नहीं दे पा रही है। पुलिस के सवालों के जवाब में वह केवल रोती रही और कुछ भी नहीं बोल सकी। डॉक्टरों के अनुसार वह गहरे सदमे में है और उसकी मानसिक स्थिति ठीक नहीं है। मेडिकल जांच में उसके शरीर पर किसी भी प्रकार की चोट के निशान नहीं पाए गए, जिससे यह स्पष्ट हुआ कि समय रहते उसे बचा लिया गया। मेडिकल जांच के बाद उसे बीआरडी मेडिकल कॉलेज (BRD Medical College) के नेहरू अस्पताल (Nehru Hospital) स्थित मानसिक रोग विभाग में भर्ती कराया गया है, जहां महिला पुलिसकर्मियों की निगरानी में उसका इलाज जारी है।

पुलिस कर रही मामले की विस्तृत जांच:

एसपी सिटी अभिनव त्यागी (SP City Abhinav Tyagi) के अनुसार पुलिस गोरखपुर (Gorakhpur) के अलावा आसपास के जिलों में दर्ज गुमशुदगी और अपहरण के मामलों की भी जांच कर रही है। यह भी देखा जा रहा है कि आरोपियों का पहले से कोई आपराधिक इतिहास तो नहीं है और क्या वे पहले भी इस तरह की घटनाओं में शामिल रहे हैं। साथ ही होमगार्ड विजय प्रताप सिंह की सतर्कता और बहादुरी को देखते हुए उन्हें पुरस्कृत किए जाने की भी घोषणा की गई है।

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