सोने-चांदी का रिकॉर्ड उछाल: पुष्य नक्षत्र से पहले ऐतिहासिक ऊंचाई पर कीमतें

पुष्य नक्षत्र से एक दिन पहले 13 अक्टूबर को सोने और चांदी की कीमतों में जबरदस्त उछाल देखने को मिला। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के अनुसार, 10 ग्राम 24 कैरेट सोना 2,244 रुपए की बढ़त के साथ 1,23,769 रुपए पर पहुंच गया, जो अब तक का सबसे ऊंचा स्तर है। शुक्रवार को यह 1,21,525 रुपए था। वहीं, चांदी की कीमत भी 8,625 रुपए बढ़कर 1,52,700 रुपए प्रति किलो के स्तर पर पहुंच गई। शुक्रवार को यह 1,64,500 रुपए पर थी। विशेषज्ञों का मानना है कि फेस्टिव सीजन की मांग, इंडस्ट्रियल डिमांड और ग्लोबल स्तर पर सप्लाई की कमी की वजह से कीमतों में तेजी बनी हुई है।

इस साल सोने-चांदी में भारी उछाल:
साल 2025 में अब तक सोना 47,607 रुपए महंगा हो चुका है। 31 दिसंबर 2024 को 10 ग्राम 24 कैरेट सोना 76,162 रुपए का था, जो अब बढ़कर 1,23,769 रुपए तक पहुंच गया है। इसी अवधि में चांदी के दामों में भी 87,108 रुपए की बढ़त दर्ज की गई है। बीते साल के अंत में एक किलो चांदी की कीमत 86,017 रुपए थी, जबकि अब यह 1,52,700 रुपए प्रति किलो के रिकॉर्ड स्तर पर है।

सोना 1.55 लाख रुपए तक जा सकता है:
गोल्डमैन सैक्स (Goldman Sachs) की हालिया रिपोर्ट के मुताबिक, अगले साल तक सोना 5000 डॉलर प्रति औंस तक पहुंच सकता है। मौजूदा विनिमय दर के अनुसार यह लगभग 1,55,000 रुपए प्रति 10 ग्राम के बराबर होगा। ब्रोकरेज फर्म पीएल कैपिटल (PL Capital) के डायरेक्टर संदीप रायचुरा का भी अनुमान है कि सोना निकट भविष्य में 1,44,000 रुपए प्रति 10 ग्राम के स्तर को छू सकता है।

सोने में तेजी के तीन प्रमुख कारण:
फेस्टिव सीजन डिमांड: धनतेरस और दिवाली पर सोना खरीदना शुभ माना जाता है, जिससे बाजार में खरीदारी की मांग बढ़ी है। भले ही ऊंचे दामों के कारण मात्रा कम हो, लेकिन रुचि बरकरार है।
जियोपॉलिटिकल तनाव: मिडिल ईस्ट में तनाव और अमेरिका की नीतियों को लेकर अनिश्चितता ने निवेशकों को सुरक्षित विकल्प के रूप में सोना खरीदने के लिए प्रेरित किया है।
केंद्रीय बैंकों की खरीदारी: विश्व स्तर पर कई बैंक डॉलर पर निर्भरता घटाने के लिए अपने रिजर्व में सोने की हिस्सेदारी बढ़ा रहे हैं, जिससे कीमतों में स्थायी तेजी देखी जा रही है।

चांदी की कीमत में बढ़ोतरी के कारण:
त्योहारी सीजन में चांदी की मांग में उछाल आया है। रुपए की कमजोरी ने भी कीमतों को ऊपर धकेला है। इसके अलावा, इलेक्ट्रॉनिक्स और सोलर पैनल जैसे उद्योगों में चांदी की खपत बढ़ी है, जिससे दामों में निरंतर वृद्धि बनी हुई है।

निवेश के लिहाज से फिलहाल सावधानी जरूरी:
केडिया एडवाइजरी (Kedia Advisory) के डायरेक्टर अजय केडिया के अनुसार, सोना इस वर्ष करीब 60% तक महंगा हो चुका है। ऐसे में निकट भविष्य में तेजी की संभावना कम है और निवेशक मुनाफा वसूली कर सकते हैं। हालांकि, लंबी अवधि में यह निवेश लाभकारी साबित हो सकता है।

सोना खरीदते समय रखें ये सावधानियां:
1. सर्टिफाइड गोल्ड खरीदें: हमेशा ब्यूरो ऑफ इंडियन स्टैंडर्ड (BIS) का हॉलमार्क लगा हुआ सर्टिफाइड गोल्ड ही खरीदें। इसका अल्फान्यूमेरिक नंबर, जैसे AZ4524, सोने की शुद्धता बताता है।
2. कीमत की जांच करें: सोने का वजन और उस दिन की कीमत इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) जैसी विश्वसनीय वेबसाइट से अवश्य मिलान करें। ध्यान दें कि 24, 22 और 18 कैरेट सोने की दरें अलग-अलग होती हैं।

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डिस्क्लेमर: यह खबर स्थानीय संवादाता/मीडिया प्लेटफार्म या अन्य द्वारा प्राप्त की गई सूचना पर आधारित है।

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