सोने और चांदी की कीमतों में 23 मार्च को भारी गिरावट दर्ज की गई, जिससे निवेशकों और बाजार से जुड़े लोगों में हलचल मच गई। India Bullion and Jewellers Association के अनुसार, 10 ग्राम 24 कैरेट सोना सुबह 12,077 रुपये गिरकर 1.35 लाख रुपये पर खुला, हालांकि दिन के अंत में कीमत में कुछ सुधार के बावजूद यह 7,649 रुपये की कुल गिरावट के साथ 1.40 लाख रुपये पर बंद हुआ। इससे पहले सोने का भाव 1.47 लाख रुपये तक पहुंचा हुआ था।
चांदी में भी उतार-चढ़ाव जारी:
चांदी की कीमतों में भी बड़ा उतार-चढ़ाव देखने को मिला। एक किलो चांदी सुबह 30,864 रुपये गिरकर 2.01 लाख रुपये पर खुली। हालांकि दिन में कुछ रिकवरी हुई, लेकिन अंत में 13,104 रुपये की गिरावट के साथ यह 2.19 लाख रुपये प्रति किलो पर बंद हुई। इससे पहले शुक्रवार को चांदी की कीमत 2.32 लाख रुपये प्रति किलो थी।
40 साल की सबसे बड़ी गिरावट का दावा:
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, सोने की कीमतों में इस तरह की बड़ी गिरावट पिछले कई दशकों में पहली बार देखी गई है। वैश्विक परिस्थितियों, खासकर अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच चल रहे तनाव का असर बाजार पर पड़ा है। पिछले 24 दिनों में सोना 19,528 रुपये और चांदी 47,440 रुपये तक सस्ती हो चुकी है।
अलग-अलग शहरों में कीमतें अलग क्यों:
सोने की कीमतें हर शहर में एक जैसी नहीं होतीं। इसके पीछे कई कारण होते हैं। ट्रांसपोर्टेशन और सुरक्षा पर होने वाला खर्च, आयात केंद्रों से दूरी, और स्थानीय स्तर पर मांग और आपूर्ति का संतुलन कीमतों को प्रभावित करता है। वहीं, जिन इलाकों में सोने की खपत अधिक होती है, वहां ज्वेलर्स बड़ी मात्रा में खरीदारी करते हैं, जिससे लागत में अंतर आता है। इसके अलावा स्थानीय ज्वेलरी एसोसिएशन और ज्वेलर्स का पुराना स्टॉक भी कीमतों को प्रभावित करता है।
सोने की कीमतों का उतार-चढ़ाव:
इस साल की शुरुआत में सोने में तेजी देखने को मिली थी। 31 दिसंबर 2025 को इसकी कीमत 1.33 लाख रुपये थी, जो 29 जनवरी 2026 को बढ़कर 1.76 लाख रुपये के ऑल टाइम हाई पर पहुंच गई। हालांकि अब यह अपने उच्चतम स्तर से करीब 36,552 रुपये तक सस्ता हो चुका है।
चांदी में ज्यादा गिरावट दर्ज:
चांदी की कीमतों में सोने की तुलना में ज्यादा उतार-चढ़ाव देखने को मिला है। 31 दिसंबर 2025 को चांदी 2.30 लाख रुपये प्रति किलो थी, जो 29 जनवरी 2026 को बढ़कर 3.86 लाख रुपये तक पहुंच गई थी। लेकिन पिछले 53 दिनों में इसमें करीब 1.67 लाख रुपये की गिरावट दर्ज की गई है।
गिरावट के पीछे मुख्य वजहें:
इस बार वैश्विक परिस्थितियों के बावजूद कीमती धातुओं में तेजी नहीं आई, बल्कि गिरावट देखी गई। निवेशकों ने जोखिम से बचने के लिए सोना-चांदी बेचकर नकदी पर ज्यादा भरोसा दिखाया। इसके अलावा ऊंचे स्तर पर पहुंचने के बाद बड़े निवेशकों ने मुनाफावसूली की, जिससे बाजार में सप्लाई बढ़ी और कीमतें नीचे आईं। अमेरिका में ब्याज दरों को लेकर सख्त रुख ने भी सोने-चांदी की मांग को प्रभावित किया।
निवेश से पहले बरतें सावधानी:
कमोडिटी एक्सपर्ट अजय केडिया के अनुसार, आने वाले समय में भी कीमतों में गिरावट जारी रह सकती है। ऐसे में निवेशकों को फिलहाल सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
सोना खरीदते समय रखें ध्यान:
सोना खरीदते समय हमेशा Bureau of Indian Standards का हॉलमार्क लगा हुआ सर्टिफाइड गोल्ड ही खरीदना चाहिए। इससे सोने की शुद्धता की पुष्टि होती है। साथ ही, खरीदने से पहले अलग-अलग स्रोतों से कीमत की जांच करना जरूरी है, ताकि सही दाम पर खरीदारी हो सके।
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