रिपोर्टर: सऊद अंसारी
गाज़ीपुर (Ghazipur) में ऑनलाइन शिकायतों के त्वरित और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण को लेकर पुलिस व्यवस्था ने एक नई मिसाल कायम की है। उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) सरकार की जनसुनवाई पोर्टल (IGRS) प्रणाली के माध्यम से प्राप्त शिकायतों के समाधान में गाज़ीपुर पुलिस ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए प्रदेश स्तर पर प्रथम स्थान हासिल किया है। फरवरी माह के दौरान जिले के अधिकांश थानों ने समयबद्ध और प्रभावी कार्रवाई करते हुए शिकायतों का निस्तारण किया, जिससे जिले की रैंकिंग में उल्लेखनीय सुधार देखने को मिला। इस उपलब्धि के पीछे पुलिस अधीक्षक डॉ. ईरज राजा (Dr. Eeraj Raja) की सतत निगरानी और प्रभावी दिशा-निर्देशों को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
जिले के कुल 27 थानों में से 25 थानों ने प्रदेश स्तर पर पहला स्थान हासिल कर गाज़ीपुर (Ghazipur) का नाम रोशन किया है। यह उपलब्धि न केवल पुलिस विभाग की कार्यप्रणाली को दर्शाती है, बल्कि यह भी साबित करती है कि जनता की शिकायतों को प्राथमिकता के आधार पर हल करने के लिए प्रशासन पूरी तरह सक्रिय है।
जनसुनवाई पोर्टल से मिलती है शिकायतों की जानकारी:
उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) सरकार द्वारा संचालित जनसुनवाई पोर्टल (IGRS) एक ऐसी ऑनलाइन प्रणाली है, जिसके माध्यम से नागरिक अपनी शिकायतें सीधे दर्ज करा सकते हैं। इन शिकायतों को पुलिस कार्यालय में गठित आईजीआरएस सेल (IGRS Cell) द्वारा संबंधित थानों को ऑनलाइन भेजा जाता है। इसके बाद थाना स्तर पर शिकायतों की जांच की जाती है और निर्धारित समय सीमा के भीतर रिपोर्ट प्रस्तुत की जाती है। इस पूरी प्रक्रिया में शिकायतकर्ता से भी फीडबैक लिया जाता है, जिससे यह सुनिश्चित हो सके कि समस्या का समाधान संतोषजनक तरीके से किया गया है।
समयबद्ध निस्तारण से बढ़ा जनता का भरोसा:
जनसुनवाई पोर्टल (IGRS) के माध्यम से शिकायतों के समय पर समाधान की व्यवस्था ने पुलिस और आम जनता के बीच विश्वास को मजबूत किया है। गाज़ीपुर (Ghazipur) में पुलिस अधिकारियों और थाना प्रभारियों को लगातार निर्देश दिए गए हैं कि प्रत्येक शिकायत का त्वरित, सटीक और पारदर्शी तरीके से निस्तारण किया जाए। इसके परिणामस्वरूप बड़ी संख्या में शिकायतों का समाधान निर्धारित समय सीमा के भीतर किया गया, जिससे जिले को प्रदेश में पहला स्थान प्राप्त हुआ।
अधिकारियों की निगरानी से मिली सफलता:
गाज़ीपुर (Ghazipur) पुलिस की इस उपलब्धि में अपर पुलिस अधीक्षक ग्रामीण अतुल सोनकर (Atul Sonkar) की भूमिका भी महत्वपूर्ण रही है। उनके निरीक्षण और मार्गदर्शन में पुलिस अधिकारियों तथा थाना प्रभारियों को नियमित रूप से निर्देश दिए जाते रहे कि जनसुनवाई पोर्टल (IGRS) पर प्राप्त शिकायतों को प्राथमिकता के आधार पर निपटाया जाए। इस सतत निगरानी के कारण शिकायतों के निस्तारण की प्रक्रिया अधिक प्रभावी और व्यवस्थित हो सकी।
प्रदेश में बना उदाहरण:
गाज़ीपुर (Ghazipur) पुलिस के इस प्रदर्शन ने यह स्पष्ट कर दिया है कि यदि प्रशासनिक व्यवस्था में पारदर्शिता और जिम्मेदारी के साथ कार्य किया जाए तो जनता की समस्याओं का समाधान तेजी से संभव है। जिले के 27 में से 25 थानों का प्रदेश स्तर पर प्रथम स्थान प्राप्त करना अपने आप में एक बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। इस पहल ने गाज़ीपुर (Ghazipur) को जनसुनवाई और शिकायत निस्तारण के क्षेत्र में पूरे उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के लिए एक उदाहरण बना दिया है।
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