रिपोर्टर: सऊद अंसारी
गाजीपुर (Ghazipur) जनपद के महेंगवाझमरदह क्षेत्र स्थित सरस्वती नर्सिंग एवं पैरामेडिकल इंस्टिट्यूट (Saraswati Nursing & Paramedical Institute) से जुड़ा एक गंभीर मामला प्रकाश में आया है। प्राप्त दस्तावेजों के अनुसार कासिमाबाद तहसील (Kasimabad Tehsil) क्षेत्र के शेखनपुर निवासी अनुराग सिंह (Anurag Singh) ने 14 अगस्त 2024 को जिला प्रशासन को शिकायती प्रार्थना पत्र सौंपकर कॉलेज प्रशासन पर अवैध वसूली के आरोप लगाए हैं। शिकायत सामने आने के बाद मामले को गंभीरता से लिया गया है और जांच प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गई है।
शिकायत में लगाए गए आरोप:
प्रार्थना पत्र में आरोप लगाया गया है कि संस्थान में एडमिशन के नाम पर छात्रों से निर्धारित मानकों से अधिक धनराशि वसूली जा रही है। शिकायतकर्ता के अनुसार जीएनएम और एएनएम पाठ्यक्रमों में दो वर्षों की फीस के नाम पर लगभग दो लाख रुपये लिए जाने का आरोप है। यह भी कहा गया है कि छात्रों से ली जा रही धनराशि के अनुपात में संस्थान में मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध नहीं हैं।
मानक सुविधाओं पर उठे सवाल:
शिकायत में यह उल्लेख किया गया है कि कॉलेज परिसर में मानक के अनुरूप न तो छात्रावास की व्यवस्था है और न ही स्वयं का अस्पताल संचालित है। दस्तावेज में यह भी कहा गया है कि कुछ संस्थान स्वयं को सरकारी अस्पताल से संबद्ध बताते हैं, किंतु अधिकांश छात्रों को वहां अपेक्षित व्यावहारिक प्रशिक्षण नहीं मिल पाता। इससे पाठ्यक्रम की गुणवत्ता और छात्रों के भविष्य को लेकर चिंता व्यक्त की गई है।
शिक्षकों की उपस्थिति पर भी आरोप:
प्रार्थना पत्र में यह आरोप भी शामिल है कि संस्थान में अनुमोदित शिक्षक नियमित रूप से उपस्थित नहीं रहते। इससे शैक्षणिक गतिविधियों की निरंतरता और गुणवत्ता पर प्रश्नचिह्न लगने की बात कही गई है। शिकायतकर्ता ने प्रशासन से पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कर उचित कार्रवाई की मांग की है।
जांच अधिकारी नामित, नोटिस जारी:
मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने एक अधिकारी को जांच अधिकारी नामित किया है। संबंधित पक्षों को नोटिस जारी कर सूचित किया गया है कि यदि उनके पास इस प्रकरण से जुड़े कोई साक्ष्य, बयान या अभिलेख हों तो वे 23 दिसंबर 2024 को प्रातः 11:00 बजे जांच अधिकारी के समक्ष उपस्थित होकर प्रस्तुत करें। प्रशासन का कहना है कि जांच निष्पक्ष और तथ्यों के आधार पर की जाएगी।
पैरामेडिकल शिक्षा की कार्यप्रणाली पर चर्चा:
इस प्रकरण के सामने आने के बाद क्षेत्र में पैरामेडिकल शिक्षा संस्थानों की कार्यप्रणाली और मानकों को लेकर एक बार फिर बहस शुरू हो गई है। शिक्षा के क्षेत्र में पारदर्शिता और गुणवत्ता सुनिश्चित करना प्रशासन की प्राथमिकता बताई जा रही है। फिलहाल पूरे मामले पर सभी की निगाहें जांच प्रक्रिया और संभावित आगे की कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।
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