गाजीपुर की पाक्सो कोर्ट ने बहरियाबाद थाना क्षेत्र से जुड़े एक सनसनीखेज मामले में बड़ा फैसला सुनाया है। कोर्ट ने गैंगरेप के दो आरोपियों को दोषी मानते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही दोनों को 60 हजार रुपये के अर्थदंड से भी दंडित किया गया है। अदालत ने स्पष्ट किया कि अर्थदंड की पूरी राशि पीड़िता को सौंपी जाएगी।
घटना की पृष्ठभूमि
यह मामला बहरियाबाद थाना क्षेत्र का है। जानकारी के अनुसार, पीड़िता के पिता दिन में मजदूरी के लिए बाहर चले जाते थे। इसी दौरान गांव के दो आरोपी, बबलू राम और चंद्रशेखर, पीड़िता को अपनी हवस का शिकार बनाते थे। दोनों अभियुक्त मिलकर लगातार इस घिनौने कृत्य को अंजाम देते रहे।
बहन की गवाही से खुला राज
लंबे समय तक चल रही इस घटना का खुलासा तब हुआ जब पीड़िता की बड़ी बहन ने अपनी आंखों से आरोपियों को इस अमानवीय कृत्य को अंजाम देते हुए देख लिया। इसके बाद उसने तुरंत अपने पिता को सारी बात बताई। पिता ने बिना देर किए 7 सितंबर 2024 को बहरियाबाद थाने में लिखित तहरीर देकर पुलिस को जानकारी दी।
केस दर्ज और आरोप गठित
पुलिस जांच के बाद 3 मार्च 2025 को दोनों आरोपियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 74, 351 और पाक्सो अधिनियम की धारा 5/6 के तहत आरोप गठित किए गए। इस पूरे मामले में कुल 7 गवाहों को अदालत में पेश किया गया, जिनकी गवाही ने अभियोजन पक्ष का पक्ष मजबूत किया।
आरोपियों का आपराधिक इतिहास
बबलू राम गिरफ्तारी के बाद से ही जेल में बंद था, जबकि चंद्रशेखर को कोर्ट से जमानत मिल गई थी। हालांकि, जमानत के दौरान उसने अपने ही गांव के एक व्यक्ति पर प्राणघातक हमला कर दिया। इस घटना के बाद उसे दोबारा गिरफ्तार कर जेल भेजा गया। इससे अदालत के सामने उसके आपराधिक रुझान का भी साफ संकेत मिला।
अदालत का फैसला
सभी साक्ष्यों और गवाहियों को सुनने के बाद गाजीपुर की पाक्सो कोर्ट ने शुक्रवार को दोनों आरोपियों को दोषी करार दिया। अदालत ने उन्हें आजीवन कारावास की सजा सुनाते हुए 60 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया। अदालत ने आदेश दिया कि यह पूरी राशि पीड़िता को दी जाएगी, जिससे उसे न्याय की प्रक्रिया में आर्थिक सहयोग मिल सके।
न्याय की उम्मीद को मिला सहारा
इस फैसले ने पीड़िता और उसके परिवार को राहत दी है। ग्रामीणों का कहना है कि अदालत का यह निर्णय न केवल पीड़िता को न्याय दिलाने वाला है, बल्कि समाज के लिए एक सख्त संदेश भी है कि इस तरह के जघन्य अपराध करने वालों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा।