रिपोर्ट: हसीन अंसारी
Ghazipur: गाजीपुर के बहादुरगंज क्षेत्र से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां स्थित एस के हॉस्पिटल में प्रसव के दौरान महिला और नवजात की मौत हो गई। घटना की जानकारी मिलते ही परिजनों और ग्रामीणों में आक्रोश फैल गया। देखते ही देखते बड़ी संख्या में लोग अस्पताल के बाहर इकट्ठा हो गए और जमकर हंगामा किया।
डिलेवरी के लिए भर्ती कराई गई थी महिला
जानकारी के मुताबिक, एक गर्भवती महिला को डिलेवरी के लिए एस के हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था। परिजनों का आरोप है कि प्रसव के दौरान डॉक्टरों और स्टाफ ने लापरवाही बरती, जिसकी वजह से महिला और नवजात दोनों की मौत हो गई।
परिजनों का आरोप और गुस्सा
परिजनों का कहना है कि यदि समय रहते सही तरीके से इलाज किया जाता तो महिला और बच्चे की जान बचाई जा सकती थी। आरोप है कि अस्पताल प्रशासन ने मामले को दबाने की कोशिश भी की, जिससे गुस्से में आए परिजनों और ग्रामीणों ने विरोध शुरू कर दिया।
ग्रामीणों का विरोध और हंगामा
घटना के बाद बड़ी संख्या में ग्रामीण अस्पताल के बाहर पहुंच गए। उन्होंने अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी की और आरोप लगाया कि लापरवाही से दो जिंदगियां खत्म हो गईं। गुस्साए लोगों ने कार्रवाई की मांग करते हुए अस्पताल के बाहर जमकर हंगामा किया।
पुलिस की कार्रवाई
स्थिति बिगड़ती देख पुलिस मौके पर पहुंची और आक्रोशित लोगों को शांत कराने की कोशिश की। पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की जांच शुरू कर दी गई है। अधिकारियों का कहना है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
लापरवाही पर उठ रहे सवाल
इस घटना ने एक बार फिर निजी अस्पतालों की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। परिजन और ग्रामीण साफ तौर पर अस्पताल प्रशासन को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं। अब देखना यह होगा कि जांच में क्या तथ्य सामने आते हैं और जिम्मेदार लोगों पर क्या कार्रवाई होती है।

